मौजूदा दौर में हर व्यक्ति के लिए क्रेडिट स्कोर की अहमियत बढ़ गई है। यही तय करता है कि आपको किस ब्याज दर पर कितना लोन मिलना चाहिए। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो बैंक लोन देने से बचेंगे और अगर देंगे भी तो ज्यादा ब्याज दर पर। क्रेडिट स्कोर कम होने के कई कारण हैं, जिसमें एक है क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार क्रेडिट कार्ड की ईएमआई और लोन की किस्त समय पर चुकाने के बावजूद क्रेडिट स्कोर घटता जाता है। इसकी बड़ी वजह क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो का अधिकतम 30 फीसदी से ज्यादा होना है। इसमें क्रेडिट कार्ड स्कोर में नकारात्मक संबंध होता यानी क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो जैस-जैसे बढ़ेगा, क्रेडिट स्कोर कम होता जाएगा। खास बात यह है कि क्रेडिट स्कोर में इसकी हिस्सेदारी (वेटेज) 30 फीसदी होती है। इसलिए सस्ता और आसानी से कर्ज पाने के लिए क्रेडिट स्कोर का बेहतर होना जरूरी है।
इन वजहों से भी आती है गिरावट
- सीमीत अवधि में बार-बार आवेदन: अगर आप सीमीत अवधि में बार-बार लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो इससे भी आपके क्रेडिट स्कोर में गिरवाट आएगी।
- डिफॉल्ट गारंटर: आप किसी को गारंटी पर लोन दिलाते हैं और वह समय पर भुगतान नहीं करता, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिरेगा।
- बार-बार न बढ़वाएं लिमिट: एक-दो महीने में ज्यादा खर्च होने पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बार-बार न बढ़वाएं। बेहतर होगा कि खर्च को संयमित करें।
ऐसे तय होता है क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो
यह आपके क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट और खर्च का अनुपात होता है। बेहतर क्रेडिट स्कोर के लिए यह अनुपात अधिकतकम 30 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मान लीजिए, आपके कार्ड की कुल लिमिट एक लाख रुपये है और आप हर महीने 20 हजार रुपये खर्च करते हैं तो एसे में आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो 20 फीसदी हुआ।
क्रेडिट स्कोर: 300 से 900 के बीच
स्कोर श्रेणी
300-579 खराब
580-669 संतोषजनक
670-739 अच्छा
740-799 बहुत अच्छा
800-850 सर्वोत्तम
बढ़वाएं क्रेडिट लिमिट या लें दूसरा कार्ड
क्रेडिट स्कोर में क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो की भूमिका अहम होती है। इसलिए जरूरी है कि इस रेश्यो को 30 फीसदी से कम रखें या अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाएं। इसके अलावा दूसरे क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन करें।–
राधिका बिनानी, चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर, पैसाबाजार डॉट कॉम