लॉकडाउन ने ईद पर होने वाले 150 करोड़ रुपये के कारोबार को लॉक करके डाउन कर दिया है। रेडीमेड कपड़े, जूते, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कॉस्मेटिक व्यवसाय को जोर का झटका लगा है। त्योहार सिर पर है लेकिन दुकानों के खुलने, खरीदारी के बारे में कोई आशा बंधती नहीं दिख रही।
जूता कारोबार : 75 करोड़ की हो जाती है बिक्री
त्योहार का कारोबार को जबरदस्त फायदा मिलता है। शहर ही नहीं बाहर भी जूते की सप्लाई शुरू हो जाती है। शहर के छोटे-बड़े औसतन 5 हजार कारखानों में कारीगर जुट जाते हैं। करीब 75 करोड़ रुपये की बिक्री हो जाती है। लेकिन इस बार लॉकडाउन ने कारोबार से नूर ही छीन लिया।
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जूता इंडस्ट्री का करीब 75 करोड़ रुपये का कारोबार खत्म हो गया है। सभी तरह की सप्लाई रुकी पड़ी हैं।
-दिलीप खूबचंदानी, महामंत्री आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन
आर्टिफिशियल ज्वेलरी: 15 करोड़ की चमक गायब
शहर में आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी एक प्रमुख कारोबार है। पहले कमजोर तबके के लिए गहने बनाने के लिए यह जाना जाता था अब हर वर्ग इनको पहनता है। शहर में इसके 500 से अधिक कारखाने हैं। आगरा से दूसरे राज्यों में भी आपूर्ति होती है। सहालग, ईद, दीपावली जैसे त्योहारों पर कारोबार चमकता है। 15 करोड़ रुपये तक का कारोबार होता है लेकिन इस बार शुरुआत तक नहीं हुई।
आगरा की आर्टिफिशियल ज्वेलरी कमजोर तबके में काफी पसंद की जाती है। मगर, इस बार कारोबार को औसतन 15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। -रितेश राठौड़, अध्यक्ष आगरा इमिटेशन ज्वेलरी
रेडीमेड कपड़े: 50 करोड़ के कारोबार पर ग्रहण
ताजनगरी में रेडीमेड कपड़ों का कारोबार भी नुकसान की कतार में खड़ा है। कारोबारी बताते हैं कि सहालग चला गया, उसके बाद ईद भी जाने को है। इतना ही नहीं समर सीजन भी जाता जा रहा है। ईद और सहालग में 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता था। इस बार कोई आस नहीं है।
सहालग का सीजन चला गया, ईद का बिजनेस भी लगभग समाप्त हो गया है। व्यापार को औसतन 50 करोड़ रुपये की चोट पहुंची है।-भगवान दास, कारोबारी रेडीमेड गारमेंट
कॉस्मेटिक: 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित
ईद से एक दिन पूर्व चांद रात को ही कारोबार चमकते हैं। इसमें मुख रूप से कॉस्मेटिक्स की दुकानों पर भीड़ लग जाती है। देर रात तक दुकानों के शटर खुले रहते हैं। सभी प्रमुख बाजार खचाखच भरे रहते हैं। दुकानदारों के अनुसार करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस बार तो दुकान तक नहीं खोल पा रहे।
शहर में बड़ी संख्या में कास्मेटिक की छोटी-बड़ी दुकानें हैं। व्यापारियों को त्योहार से बहुत आस होती है। औसतन 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। -मेघराज दियालानी, कास्मेटिक कारोबारी।