रियल एस्टेट क्षेत्र को जीएसटी दरों में कटौती का लाभ दिलाने के लिए परिषद नया कानून बनाने पर विचार कर रही है। मंगलवार को होने वाली जीएसटी परिषद की 34वीं बैठक में अन्य मुद्दों के साथ इस पर चर्चा की जाएगी। पिछली बैठक में परिषद ने निर्माणाधीन और किफायती मकानों पर जीएसटी दरें घटाने का फैसला किया था।
दरअसल, दरों में कटौती के साथ इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) खत्म किए जाने से यह आशंका जताई जाने लगी कि बिल्डर इस कटौती का लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंचाएंगे। साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू होने से इस बैठक में नई राहतों पर फैसला नहीं हो सकता लेकिन पिछले फैसले को लागू कराने पर खुलकर चर्चा हो सकती है। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नए कानून का प्रारूप इस बात पर निर्भर करेगा कि बिल्डर अब तक कच्चे माल पर मिल रहे आईटीसी का इस्तेमाल टैक्स चुकाने में करते हैं या नहीं। इसके अलावा अगले महीने से लागू होने वाली नई दरों का इस क्षेत्र की बिक्री पर क्या असर पड़ेगा, इस पर भी विचार किया जाएगा।
7 फीसदी घटाईं थी दरें
जीएसटी परिषद ने 24 फरवरी को हुई बैठक में रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए जीएसटी दरों में 7 फीसदी की कटौती की थी। निर्माणाधीन मकानों पर लगने वाली 12 फीसदी जीएसटी को खत्म कर 5 फीसदी और किफायती मकानों पर 8 फीसदी की जीएसटी हटाकर 1 फीसदी कर दिया था। नई दरें 1 अप्रैल, 2019 से लागू होनी हैं। हालांकि, इसके साथ ही बिल्डर को कच्चे माल एवं सेवाओं पर मिलने वाला आईटीसी भी खत्म कर दिया गया है।