चुनाव की घोषणा के बाद से ही बढ़त पर सवार शेयर बाजार की चाल इस सप्ताह कई घरेलू और वैश्विक कारक तय करेंगे। इसमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी फेड रिजर्व के फैसलों और चालू खाते के आंकड़ों का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। बीते सप्ताह सभी पांचों कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त दर्ज की थी। ऐसे में बाजार को इस सप्ताह भी ऐसी ही तेजी की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बृहस्पतिवार को होली से पहले तीन कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं। इस पर विदेशी निवेश का काफी असर पड़ेगा, जो मार्च में अब तक 20,400 करोड़ बढ़ चुका है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक 19 और 20 मार्च को होनी है, जिसमें ब्याज दरों पर फैसला किया जाएगा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख शोधकर्ता विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अभी अपनी नीतिगत दरें अपरिवर्तित रखेगा, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक होने से तेजी कायम रह सकती है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,353 और निफ्टी 391 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
कैड आंकड़ों का होगा असर
इस सप्ताह मंगलवार को सरकार चालू खाते का घाटा (कैड) और आयात-निर्यात के आंकड़े जारी करेगी। दिसंबर तिमाही में कैड पांच साल के उच्चतम स्तर 2.9 फीसदी पहुंच गया था, जो एक साल पहले 1.1 फीसदी था। यह उछाल व्यापार घाटे में बढ़ोतरी की वजह से हुआ है। हालांकि, सरकार ने पिछले शुक्रवार को कहा था कि फरवरी में व्यापार घाटा 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचकर 9.6 अरब डॉलर रह गया है।
ये कारक भी जिम्मेदार
घरेलू शेयर बाजार पर यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने की प्रक्रिया ब्रेग्जिट का भी असर होगा। इसके अलावा बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) आगामी बृहस्पतिवार को अपनी ब्याज दरों पर फैसला करेगा, जो भारतीय बाजार पर भी असर डालेंगे।