आयकर विभाग ने एक लैपटॉप फर्म पर आयात के तहत बड़े पैमाने पर इनवॉइस और कर चोरी का पता लगाया है। शनिवार को इसकी जानकारी कर विभाग के लिए नीति बनाने वाली संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने दी। बोर्ड ने कहा कि विभाग ने हाल ही में लैपटॉप और मोबाइल फोन के एक व्यापारी के यहां छापेमारी की थी। सीबीडीटी ने कहा, 'लगभग पूरा कारोबार इस तरह के तौर-तरीकों से चलता पाया गया है।'
विभाग ने कहा कि तलाशी के दौरान मिले और जब्त किए गए सबूतों से पता चलता है कि विदेशी माल भेजने वालों को इस तरह के कम कर दिखाए गए बिलों का भुगतान हवाला के जरिए किया गया है।छापेमारी के दौरान 2.75 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई। सीबीडीटी के अनुसार, 10 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में इस संबंध में छापेमारी की गई थी।
सीबीडीटी ने कहा कि कोलकाता बंदरगाह पर रखे एक कंटेनर की तलाशी ली गई। इस दौरान 'एचडीएमआई केबल' का बिल पाया गया, जिसकी कीमत 3.8 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, डी-सीलिंग और उसे खोजने पर, यह पता चला है कि आयात होने वाले सामान लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि जैसे उच्च मूल्य की वस्तुएं हैं, जिनकी कीमत 64 करोड़ रुपये है।
कर अधिकारियों ने पाया कि इस व्यापार समूह ने मुखौटा कंपनियों के जरिये कम मूल्य दिखाकर आयात किया। जांच में यह तथ्य सामने आयात कि इस समूह ने तीन साल के दौरान सिर्फ 20 करोड़ रुपये का आयात दिखाया है जबकि इस अवधि के दौरान आयात का मूल्य 2,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।