निविदा दस्तावेज के मुताबिक, आईएसपीआरएल ने पहले चरण में तीन स्थानों पर 53.3 लाख टन का भंडारण बनाया था। ये तीन जगह आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम (13.3 लाख टन) कर्नाटक में मंगलूरू (15 लाख टन) और पादुर (25 लाख टन) हैं।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत क्रूड का अपना पहला वाणिज्यिक रणनीतिक भंडार बनाने की योजना बना रहा है। इस कदम से किसी भी आपात स्थिति में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। सरकार ने देश में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तैयार करने और उसके परिचालन के लिए विशेष इकाई इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लि. (आईएसपीआरएल) का गठन किया है। इस इकाई ने कर्नाटक के पादुर में 25 लाख टन भूमिगत भंडारण बनाने के लिए बोलियां मंगाई हैं।
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निविदा दस्तावेज के मुताबिक, आईएसपीआरएल ने पहले चरण में तीन स्थानों पर 53.3 लाख टन का भंडारण बनाया था। ये तीन जगह आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम (13.3 लाख टन) कर्नाटक में मंगलूरू (15 लाख टन) और पादुर (25 लाख टन) हैं। दूसरे चरण के तहत, पादुर-दो में 5,514 करोड़ रुपये की लागत से वाणिज्यिक सह-रणनीतिक भूमिगत पेट्रोलियम भंडार बनाने की योजना है। इसमें जमीन के ऊपर संबंधित सुविधाएं भी शामिल है। बोलीदाताओं से कहा गया है कि वे भंडारण के निर्माण के लिए आवश्यक वित्तीय अनुदान या उस प्रीमियम/शुल्क का बताएं, जो वे प्राधिकरण को देना चाहते हैं। बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 22 अप्रैल है। निविदा 27 जून तक प्रदान की जाएगी। भारत अपनी जरूरतों का 85 फीसदी से अधिक क्रूड आयात करता है।