DGCA: विमानन नियामक डीजीसीए ने गुरुवार को कहा कि प्रैट एंड व्हिटनी दो महीने में अपने इंजनों को वापस मंगाने के दूसरे चरण के संबंध में एक सेवा बुलेटिन जारी करेगी और 2024 की पहली तिमाही में अधिकांश इंजन हटाए जाने की उम्मीद है।
विमानन नियामक डीजीसीए ने गुरुवार को कहा कि प्रैट एंड व्हिटनी दो महीने में अपने इंजनों को वापस मंगाने के दूसरे चरण के संबंध में एक सेवा बुलेटिन जारी करेगी और 2024 की पहली तिमाही में अधिकांश इंजन हटाए जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हाल के हफ्तों में इंडिगो विमानों के इंजन में समस्या आने की तीन घटनाओं को प्रैट एंड व्हिटनी (पीएंडडब्ल्यू) के समक्ष भी उठाया है और तत्काल दखल देने मांग की है।
इन-फ्लाइट शट डाउन (आईएफएसडी) की तीन घटनाओं में से दो 28 अगस्त को हुईं, जिसमें मदुरै-मुंबई और कोलकाता-बेंगलुरु उड़ानें शामिल थीं, जिन्हें ए 321 नियो विमानों के साथ संचालित किया गया था। तीसरी घटना तीन सितंबर को अमृतसर-दिल्ली उड़ान से जुड़ी थी, जिसका संचालन ए320 नियो विमान के साथ किया गया था।
विज्ञापन
इंडिगो के ए320 विमानों के बेड़े में पीएंडडब्ल्यू इंजन लगे हैं और जुलाई में इंजन निर्माता कंपनी द्वारा चिह्नित हाई प्रेशर टर्बाइन (एचपीटी) हब में गड़बड़ी के कारण कुल 11 इंजन प्रभावित हुए थे।
वैश्विक स्तर पर एचपीटी हब में दिक्कतों के कारण कुल 200 इंजनों को वापस भेजना पड़ा, जिसका पता केवल दुकान स्तर पर एंगुलर अल्ट्रा सोनिक इंस्पेक्शन (एयूएसआई) से ही लगाया जा सकता था। पहले चरण में प्रभावित इंजनों को एक दुकान में एयूएसआई के लिए 15 सितंबर से पहले हटाना आवश्यक था।
डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो के बेड़े के 11 इंजन प्रभावित हुए और इनमें से छह मौजूदा पीएंडडब्ल्यू एओजी (एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड) का हिस्सा थे और केवल पांच ऑपरेटिंग इंजन थे, जिन्हें 15 सितंबर से पहले हटा दिया गया है।