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Cryptocurrency Tax: क्रिप्टो में निवेश पर होने वाले नुकसान के खिलाफ कोई सेट ऑफ नहीं, जानें 1 फीसदी टीडीएस का क्या है फार्मूला

Thu, 03 Feb 2022 09:47 AM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

No Set Off Against Loss On Investment In Crypto: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स लगा दिया। इसके साथ ही क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर भी 1 फीसदी टीडीएस काटने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि क्रिप्टो में निवेश पर होने वाले नुकसान के खिलाफ कोई सेट ऑफ नहीं है।
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क्रिप्टोकरेंसी - फोटो : pixabay
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में काफी समय से चर्चा का विषय रहे क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ा एलान किया और इससे होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स लगा दिया। इसके साथ ही क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर भी 1 फीसदी टीडीएस काटने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि क्रिप्टो में निवेश पर होने वाले नुकसान के खिलाफ कोई सेट ऑफ नहीं है यानी निजी डिजिटल असेट या क्रिप्टोकरेंसी के हस्तानांतरण से होने वाले नुकसान को किसी अन्य आय के खिलाफ सेट कतई नहीं किया जा सकता।

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क्रिप्टो से आय का इतना हिस्सा कटेगा 
वित्त मंत्री ने अपने पूरे बजट भाषण में क्रिप्टोकरेंसी शब्द का इस्तेमाल कहीं नहीं किया, लेकिन वर्चुअल करेंसी और डिजिटल असेट पर हुए एलान से उनका इशारा इसी ओर माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने वर्चुअल करेंसी या डिजिटल असेट से होने कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का एलान किया। इसे ऐसे समझें कि मान लीजिए आपने क्रिप्टोकरेंसी में 1 लाख रुपये का निवेश किया, इस निवेश के बाद आपको 50 हजार रुपये का फायदा हुआ, तो सरकार टैक्स के रूप में इस 50 हजार रुपये के मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स काटेगी यानी क्रिप्टो से आपको हुई इस कमाई में से 15000 रुपये सरकार के खाते में जाएंगे। क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला थोड़ा हैरान करने वाला जरूर है लेकिन भारत के क्रिप्टो निवेशक इसे सरकार का एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। यह कदम अंततः निवेशकों को इस जोखिम भरे क्रिप्टो बाजार में अपना पैसा लगाने का निर्णय लेते समय दो बार सोचने के लिए मजबूर करेगा।

उपहार में लेने वाले पर लगेगा टैक्स
इसके अलावा वित्त मंत्री ने एसी संपत्ति को उपहार में देने के मामले में भी भारी-भरकम 30 फीसदी टैक्स लगाने की घोषणा अपने बजट भाषण में की है। इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि अगर आप किसी को 1 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी उपहार स्वरूप देते हैं, तो जिसे आप ये कीमती उपहार दे रहे हैं यानी इसे पाने वाले पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लागू होगा। आप 1 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी उपहार में देंगे तो ऐसे में उसे इसका 30 फीसदी या 30,000 रुपये सरकार को टैक्स के रूप में देना होगा। 
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1 फीसदी टीडीएस का कैलकुलेशन
टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स यह दरअसल इनकम टैक्स का ही एक हिस्सा है। सरकार की घोषणा की बात करें तो किसी भी तरह की क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पर आपको 1 फीसदी का टीडीएस भरना होगा। आसान भाषा में समझें तो अगर आपने 1 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी का लेन-देन किया तो इस लेन-देन की रकम आपके खाते में आने पर उससे 1 फीसदी टीडीएस के तौर पर काट लिए जाएंगे। टीडीएस कटने से सरकार को आपके खाते से किए गए क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन का पूरा लेखा-जोखा मिल जाएगा। मतलब एक प्रकार से टीडीएस दरअसल, क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पर नजर रखने के लिए लगाया गया है।

भारत में बढ़ रहे क्रिप्टो निवेशक
सरकार की लगातार चेतावनियों के बावजूद भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बढ़ रहा है। यही कारण है कि देश में करीब 10.5 करोड़ क्रिप्टो निवेशक हो चुके हैं। सेबी के पंजीकृत वित्तीय सलाहकार जितेंद्र सोलंकी का मानना है कि क्रिप्टो पर 30 फीसदी टैक्स लगाकर सरकार क्रिप्टो निवेश को हतोत्साहित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के अनुसार आपको केवल अपने क्रिप्टो निवेश से होने वाली आय पर कर भुगतान करना है। जैसे कि आपने 5000 रुपये की क्रिप्टोकरेंसी खरीदी और उसे 5500 रुपये में बेचा तो आपको 500 रुपये का 30 फीसदी सरकार को देना होगा। 

लॉन्ग टर्म लॉस के खिलाफ सेट ऑफ
इंटरनेशनल टैक्स एसडब्ल्यू इंडिया के प्रैक्टिस लीडर सौरव सूद ने कहा कि दरअसल, मौजूदा आयकर कानून करदाताओं को लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के खिलाफ अपने दीर्घकालिक नुकसान को समायोजित करने की अनुमति देता है। यह करदाताओं को उनके दीर्घकालिक लाभ पर कर का भुगतान करने से छूट देता है। हालांकि क्रिप्टो आय के मामले में यह संभ्ज्ञव नहीं हैद्ध इसे संपत्ति के एक अलग वर्ग के रूप में माना जाएगा।

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