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Digital vs Cryptocurrency: वित्त मंत्री ने बताया डिजिटल करेंसी और क्रिप्टो में फर्क, वर्चुअल असेट पर टैक्स को लेकर दिया दो टूक जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Tue, 01 Feb 2022 04:32 PM IST

सार

वित्त मंत्री के मुताबिक, आरबीआई के डिजिटल रुपये के अलावा क्रिप्टो वर्ल्ड में मौजूद सभी क्वाइन वर्चुअल असेट्स में गिने जाएंगे। इनके लेन-देन में अगर किसी को मुनाफा होता है तो हम उस पर 30 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : अमर उजाला


किन वर्चुअल असेट्स पर लगेगा टैक्स

वित्त मंत्री के मुताबिक, आरबीआई के डिजिटल रुपये के अलावा क्रिप्टो वर्ल्ड में मौजूद सभी क्वाइन वर्चुअल असेट्स में गिने जाएंगे। इनके लेन-देन में अगर किसी को मुनाफा होता है तो हम उस पर 30 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। इस तरह के हर लेन-देन पर सरकार नजर रखेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि क्रिप्टो की दुनिया में होने वाले हर लेन-देन पर एक फीसदी TDS लगाएंगे। इस तरह फर्क साफ है कि डिजिटल करेंसी वही होगी, जिसे इस साल RBI जारी करेगा। वहीं, क्रिप्टो की दुनिया में मौजूद अलग-अलग तरह की संपत्तियों के हर लेन-देन पर टैक्स लगेगा। 

क्रिप्टोकरेंसी पर इस वजह से लगा टैक्स

इस मामले में नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि हम जिन्न को फिर से बोतल में बंद नहीं कर सकते। इस वजह से इस क्रिप्टोकरेंसी नाम के जिन्न पर टैक्स लगा दिया। इस तरीके से हम इस नए असेट क्लास को और उसके अस्तित्व को स्वीकार करते हैं।

आयकर में छूट नहीं देने पर भी दिया जवाब

इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि हम यही दोहराना चाहेंगे कि हमने टैक्स नहीं बढ़ाया है। हमने दो साल से एक भी टैक्स नहीं लगाया है। पिछली बार पीएम मोदी का आदेश था कि घाटा कितना भी क्यों न हो, महामारी के दौर में जनता पर टैक्स का बोझ नहीं डालना है। पीएम मोदी ने इस बार भी यही आदेश दिया, जिसका ध्यान बजट में रखा गया। हमने महामारी की वजह से सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों का टैक्स के जरिए राहत ढूंढने की कोशिश नहीं की है। 

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