भारत में प्रचलित मोबाइल ब्रांड वीवो के निदेशक झेंगशेन ओउ और झां जी भारत छोड़कर पिछले साल ही भाग गए थे। यह जानकारी गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जारी की गई है। ईडी के अधिकारियों की ओर से यह जानकारी मीडिया में उन खबरों के आने के बाद दी गई हैं जिनमें कहा गया था कि मोबाइल निर्माता कंपनी के निदेशक ईडी (Enforcement Directorate) की कार्रवाई शुरू होने के बाद देश छोड़कर भाग गए हैं।
Chinese side is closely following developments (on ED raids on Vivo). Chinese govt has always asked Chinese companies to abide by laws & regulations when doing business overseas. We firmly support Chinese companies in safeguarding their lawful rights & interests:Chinese MoFA Spox https://t.co/5m1cShwjq4
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि भारतीय एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच करेगी क्योंकि वे जांच और प्रवर्तन गतिविधियों को अंजाम देते हुए भारत में निवेश और संचालन करने वाली चीनी कंपनियों को निष्पक्ष, न्यायसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण कारोबारी माहौल प्रदान करते हैं।
वीवो का एक पूर्व निदेशक 2018 में ही देश छोड़कर चला गया था
ईडी ने गुरुवार को कहा है कि चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो की भारतीय इकाई ने अपने टर्नओवर का लगभग 50 प्रतिशत, जो कि 62,476 करोड़ रुपये है, भारत मे करों का भुगतान करने से बचने के लिए चीन भेज दिया था।
जांच एजेंसी ने कहा है कि बीते 5 जुलाई को देशभर में वीवो कंपनी और उससे जुड़ी 23 एसोसिएट कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 119 बैंक खातों में पड़े 465 करोड़ रुपए, 73 लाख रुपए नकद और 2 किलोगाम के सोने के बिस्किट जब्त किए हैं।
एजेंसी ने यह भी बताया है कि कंपनी का एक पूर्व निदेशक बिन लाऊ साल 2018 में भारत में वीवो की अलग-अलग कई कंपनियां बनने के बाद ही देश छोड़कर चला गया था। यही कंपनियां फिलहाल जांच के दायरे में हैं।