दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने 17 वर्षीय अर्जुन देशपांडे के स्टार्टअप 'जेनरिक आधार' में निवेश किया है। हालांकि यह डील कितने में हुई है, इसको लेकर कोई जानकारी नहीं है।
दवा का खुदरा कारोबार करती है कंपनी
जेनरिक आधार कंपनी दवा का खुदरा कारोबार करती है। अर्जुन देशपांडे ने इस कंपनी की स्थापना अप्रैल 2019 में की थी, जब वे 16 साल के थे। जेनरिक आधार मैन्युफैक्चरर्स से दवा लेकर रिटेलर्स को बेचती है।
छह करोड़ रुपये है कंपनी का रेवेन्यू
मौजूदा समय में इस कंपनी का रेवेन्यू करीब छह करोड़ रुपये है। अगले तीन सालों में इसे 150-200 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी में करीब 55 लोग काम करते हैं।
ये है कंपनी का मिशन
अर्जुन देशपांडे ने बयान जारी कर कहा कि हम एक मिशन पर काम कर रहे हैं कि बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को जरूरत की दवाई कम से कम कीमत में उपलब्ध हो सके।
एक सर्वे के अनुसार, देश की 60 फीसदी आबादी तक जरूरी दवाई की पहुंच इसलिए नहीं है, क्योंकि वह बहुत महंगी है। जेनरिक आधार 80 फीसदी तक सस्ते में दवाइयां बेचती है।
कंपनी ने फिलहाल मुंबई, पुणे, बंगलूरू और ओडिशा के 30 रिटेलर्स के साथ टाई-अप किया है। आगे कंपनी की 1000 फार्मेसी के साथ पार्टनरशिप करने की योजना है।