सरकार ने वित्तवर्ष 2013-14 के लिए विनिवेश लक्ष्य को आधे से अधिक घटाकर 16,027 करोड़ रुपये कर दिया है। वित्त वर्ष 2014-15 में विनिवेश से 36,925 करोड़ रुपये जुटाने का आकलन जताया गया है।
अंतरिम बजट के मुताबिक सरकार ने सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर पूंजी जुटाने के अपने लक्ष्य को 2013-14 के लिए 40,000 करोड़ से घटाकर 16,027 करोड़ रुपये कर दिया है। चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर सरकार करीब 3,500 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।
अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने निजी कंपनियों में सरकार की शेष हिस्सेदारी बेचकर पूंजी जुटाने के लक्ष्य को घटाकर 3,000 करोड़ रुपये कर दिया है। पहले यह अनुमान 14,000 करोड़ रुपये का था। अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार अपनी शेष हिस्सेदारी की बिक्री से 15,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
सरकार की हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और बाल्को में अल्पमत हिस्सेदारी है। इसके अलावा एलएंडटी, आईटीसी और एक्सिस बैंक में भी एसयूयूटीआई के जरिए सरकार की कुछ हिस्सेदारी है।