भारतीय दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने कॉर्पोरेट व्यक्तियों के लिए दिवालिया समाधान प्रक्रिया नियमों में बदलाव किया है। अब समाधान पेशेवर को कॉर्पोरेट देनदारों को अपने नाम और नए कार्यालय के पते के साथ दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने से दो साल पहले तक की जानकारी देनी होगी।
कॉर्पोरेट देनदारों को प्रक्रिया शुरू होने से दो साल पहले की देनी होगी जानकारी
नए संशोधन के तहत अंतरिम समाधान पेशेवर या समाधान पेशेवर कॉर्पोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया के संचालन में अपने कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता के लिए किसी भी पेशेवर को नियुक्त कर सकता है। इस प्रकार की नियुक्तियां एक उद्देश्यपूर्ण और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हुए की जाएंगी।
देनदार पर नहीं पड़ेगा दबाव
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एक समाधान पेशेवर यह पता लगाने के लिए बाध्य है कि क्या कॉर्पोरेट देनदार धोखाधड़ी और गलत व्यापार जैसे विवादित लेनदेन में शामिल है। न्यायिक अधिकारी के पास इसकी शिकायत दायर की जा सकती है। इससे ऐसे लेनदेन में खोए हुए मूल्य की वापसी होगी, देनदार पर भी दबाव नहीं पड़ेगा।