काम और जीवन में संतुलन बनाना बहुत जरूरी है। अगर इसे सही से संतुलित नहीं कर पाते हैं तो दोनों पर ही इसका बुरा असर पड़ता है। अब कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों पर वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष और मास्टरकार्ड के पूर्व सीईओ अजय बंगा ने अपनी राय साझा की। उनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह सुझाव देते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संतुलन एक अत्यधिक व्यक्तिगत अवधारणा है, जो व्यक्ति दर व्यक्ति काफी अलग होती है।
हर दिन 12-18 घंटे काम...
उन्होंने कहा, 'कुछ लोग हर दिन 12-18 घंटे काम करके भी संतुलित महसूस करते हैं। जबकि वहीं अन्य लोग छह घंटे से अधिक काम करने पर संघर्ष महसूस करते हैं। ऐसे में अगर संतुलन की व्याख्या की जाए तो यह एक व्यक्तिगत टास्क है। मैं नहीं जानता इसे आप खुद के लिए कैसे परिभाषित करते हैं।'
दो मुख्य तत्व जीवन और काम के लिए अहम
उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए काम और जीवन में संतुलन लाना दो मुख्य तत्वों पर निर्भर करता है। पहला अपने काम से प्यार करना और दूसरा अपने तथा प्रियजनों के लिए समय निकालना। अगर आप जो कर रहे हैं और उसे करने में मजा नहीं आ रहा है तो कुछ अलग करने का समय है। अगर जितना हम काम करते हैं उतना ही आप कर रहे या यदि आप यात्रा करते समय उसका आनंद नहीं ले रहे तो फिर आप ऐसा क्यों ही कर रहे हैं?'
परिवार को लेकर कही ये बात
उन्होंने परिवार के लिए समय देने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही अपने खुद के अनुभवों को साझा किया। हांगकांग में सिटीग्रुप एशिया में अपने कार्यकाल के दौरान वह अक्सर महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए घर वापस आ जाते थे। उन्होंने कहा कि भले ही एक दिन के लिए जाता था पर कार्यक्रमों में शामिल होता था।
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष ने कहा, 'आपको उनको समय देना होगा। यह उनके जरूरी है। यदि उन्हें आपकी जरूरत है और आप तब नहीं जा रहे तो आपके पास कोई संतुलन नहीं है।'
मोबाइल फोन की आलोचना
उन्होंने व्यक्तिगत बातचीत के महत्व पर भी जोर दिया। साथ ही मोबाइल की आलोचना की। बंगा ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने फोन में खोने की बजाय शारीरिक रूप से अपने आसपास के लोगों पर ध्यान दें। उनसे बातें करें। उन्होंने कहा कि आप लोगों से बात करने या समय बिताने के बजाय फोन के साथ ज्यादा समय बिता रहे हैं, जो सही नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर आप सावधान नहीं हैं तो यह एक बहुत बुरा है।' उन्होंने कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने के लिए सीमाओं की आवश्यकता पर बल दिया।'
क्या बोले सोशल मीडिया यूजर्स?
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष बंगा की सलाह पर एक यूजर ने कहा, 'यह वाकई बहुत ही सही तथ्य है। आठ घंटे की नींद, आठ घंटे काम और आठ घंटे खुद के लिए। आप इनमें से कुछ एक को ज्यादा समय दे रहे हैं तो दूसरे अहम काम के साथ गलत कर रहे हैं।'
एक अन्य ने कहा, 'कुछ लोगों के पास यह चुनने का अवसर नहीं होता है कि वे क्या करना चाहते हैं।'
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