सीबीआईसी के चेयरमैन विवेक जौहरी ने कहा कि अप्रत्याशित लाभ कर व्यवस्था अभी जारी रहेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक हालात अस्थिर बने हुए हैं।
अप्रत्याशित लाभ कर व्यवस्था को खत्म नहीं किया जाएगा। इससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में करीब 25,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल व ईंधन के निर्यात पर सात माह पहले अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया था।
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वैश्विक बाजार में बढ़ रहे कच्चे तेल के दाम, इसलिए जारी रहेगा कर: सीबीआईसी
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक जौहरी ने कहा कि यह कर अभी जारी रहेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक हालात अस्थिर बने हुए हैं। ऐसे में यह अनुमान लगाना मुश्किल होगा कि अप्रत्याशित लाभ कर कब तक जारी रहेगा। वहीं, राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा, बजट में चालू वित्त वर्ष में अप्रत्याशित लाभ कर से 25,000 करोड़ जुटाने का अनुमान है।
कटौती से उत्पाद शुल्क संग्रह में आई गिरावट
जौहरी ने कहा, खुदरा कीमतों में कमी लाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में दो बार कटौती करने से 2022-23 में उत्पाद शुल्क संग्रह में गिरावट आई है। यह 3.35 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले संशोधित अनुमान में घटकर 3.20 लाख करोड़ रुपये हो गया। 2023-24 के लिए उत्पाद शुल्क संग्रह का अनुमान 3.39 लाख करोड़ रुपये है।