फ्रेंकलिन टेम्पलटन असेट मैनेजमेंट कंपनी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) द्वारा उसकी अपील का निपटारा करने तक कोई नई डेट स्कीम जारी नहीं करेगी।
कंपनी को सेबी ने दो साल तक नई स्कीम जारी नहीं करने और 512 करोड़ रुपये का रिफंड करने का आदेश दिया है। इसके खिलाफ फ्रेंकलिन सैट गई है। सैट ने उसे 512 की बजाए 250 करोड़ रुपये एस्क्रो अकाउंट में जमा कराने का आदेश दिया है। इस पर शीर्ष कोर्ट ने कहा कि सैट के इस आदेश में वह दखल नहीं देगी।
इससे पहले 28 जून को सैट ने अंतरिम आदेश के तहत नई म्यूचुअल फंड योजनाएं शुरू करने के बारे में सेबी के सात जून के आदेश पर रोक लगा दी थी और फ्रैंकलिन टेंपलटन को बाजार नियामक के 512 करोड़ रुपये लौटाने के आदेश को पूरा करने के बजाय एस्क्रो खाते में 250 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसए नजीर व जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने सैट के आदेश के खिलाफ सेबी की अपील पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि वह ट्रिब्यूनल के आदेश में दखल नहीं देगी इसके बजाए वह फ्रेंकलिन को नई स्कीम जारी करने की इजाजत के मसले पर विचार करना चाहेगी।
सुनवाई के दौरान सेबी की ओर से उपस्थित सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरण सैट का आदेश गलत तथ्यों पर आधारित है और सारे कानूनों की अनदेखी की गई है। इस पर कंपनी की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे व एएम सिंघवी ने कहा कि कंपनी सैट का फैसला आने तक कोई नई स्कीम लांच नहीं करेगी।