पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने मंगलवार को 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' को मंजूरी दे दी। तृणमूल कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसका वादा किया था। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, 'कैबिनेट ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। कोई भी व्यक्ति जिसने पश्चिम बंगाल में 10 साल बिताए हैं, वह इसका लाभ उठा सकता है। भारत या विदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरल अध्ययन के लिए ऋण उपलब्ध होगा।' इसकी सबसे खास बात यह है कि एक छात्र को नौकरी मिलने के बाद कर्ज चुकाने के लिए 15 सालों का समय दिया जाएगा।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के बारे में पूरी जानकारी-
- एक छात्र क्रेडिट कार्ड की मदद से उच्च अध्ययन के लिए 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन प्राप्त कर सकता है।
- 40 वर्ष की आयु तक के व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
- छात्र को नौकरी मिलने के बाद कर्ज चुकाने के लिए 15 सालों का समय दिया जाएगा।
- विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें आईआईटी, आईआईएम, एनएलयू, आईएएस, आईपीएस, डब्ल्यूबीपीएस शामिल हैं।
- यह योजना विभिन्न संस्थागत या गैर-संस्थागत खर्चों को कवर करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल का कोई भी छात्र मौद्रिक सहायता की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए लोग लेते हैं एजुकेशन लोन
लगातार बढ़ रही महंगाई के दौर में उच्च शिक्षा पाना सबके लिए आसान नहीं है। ऐसे में लोग 'एजुकेशन लोन' लेकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। छात्र या उनके माता-पिता बच्चों के स्नातक या फिर प्रोफेशनल कोर्स के लिए एजुकेशन लोन ले सकते हैं। यह भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए बेहद लाभदायक है।