गुजरात के भरूच में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में कुल 67,000 रुपये के निवेश की संभावना वाले 11 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। 'फ्यूचरकेम गुजरात: शेपिंग टुमॉरो केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स इंडस्ट्री' नामक यह कार्यक्रम भविष्य की पहलों पर चर्चा करने के लिए नीति निर्माताओं, चिकित्सकों और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविदों को एक छतरी के नीचे लेकर आया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की अपनी राजनीति से देश और गुजरात को बदल दिया है। गुजरात की डबल इंजन सरकार को पिछले 2 दशकों से पीएम मोदी के विजन का लाभ मिल रहा है। 2024 में, हम 'गेटवे टू द फ्यूचर' के विषय के साथ वाइब्रेंट समिट का आयोजन कर रहे हैं। रसायन और पेट्रोरसायन उन क्षेत्रों में से एक है जो सतत आद्योगिक विकास को आगे ले जाते हैं।"
पटेल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकल्प लिया है कि गुजरात में औद्योगिक विकास होना चाहिए। इसके तहत रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि भारत दुनिया के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में छठे स्थान पर है।" भरूच में आयोजित कार्यक्रम स्थिरता, डीकार्बोनाइजेशन और विकास के आसपास केंद्रित है। इसके अलावा, स्टार्टअप और बिजनेस लीडर इस आयोजन के दौरान उद्योगों के लिए प्रासंगिक समाधान और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे।
भारत के कुल रसायन और पेट्रोकेमिकल निर्यात में गुजरात की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है, जो भारत के कुल निर्यात का 5 प्रतिशत और गुजरात के कुल निर्यात का 27 प्रतिशत है। राज्य में चार रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स हैं जिनकी संयुक्त क्षमता 102 मिलियन टन प्रति वर्ष है। भारत के शीर्ष 10 निर्यात गंतव्यों में अमेरिका, चीन, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, इंडोनेशिया, ब्रिटेन, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और बेल्जियम हैं। गुजरात को व्यापार और उद्योग के विश्व मानचित्र पर लाने के लिए 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की शुरुआत की थी। इस शिखर सम्मेलन का 10वां संस्करण 10 से 12 जनवरी, 2024 तक आयोजित किया जाएगा। शिखर सम्मेलन का उद्घाटन 10 जनवरी को पीएम मोदी करेंगे।