वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल का अंतरिम बजट पेश करेंगी। चूंकि इस साल चुनाव हैं, इसलिए इस बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार का नजरिया रखा जाएगा। हालांकि, इसके बावजूद जनता को इस बार कई चीजों के सस्ते होने की उम्मीद है। वहीं, कई और सेक्टर्स ने भी सरकार से टैक्स में छूट की मांग की है, जिससे आम जनता को भी राहत मिल सकती है।
किस-किस सेक्टर्स ने मांगी राहत?
1. सोना-चांदी
रत्न और आभूषण उद्योग ने सोने के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) में की गई बढ़ोतरी को अंतरिम बजट में वापस लेने का अनुरोध करते हुए एक तर्कसंगत कर संरचना लागू करने की मांग की है। उद्योग निकाय ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन संयम मेहरा ने कहा, ‘‘आभूषण उद्योग भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब सात प्रतिशत का योगदान देता है लिहाजा यह एक व्यापार-अनुकूल माहौल का हकदार है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यथामूल्य पर 12.5 प्रतिशत बीसीडी लगता है, जिससे आयातित सोने पर कुल कर 18.45 प्रतिशत हो जाता है।"
अगर सरकार की तरफ से रत्न और आभूषण उद्योग की बात मानी जाती है तो आम लोगों को भी सोने की खरीद पर छूट मिलने की संभावना है।
2. इस्पात उद्योग
इस्पात निर्माताओं को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024-25 के आम बजट में बुनियादी ढांचे पर खर्च, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और बढ़ते आयात को रोकने के उपाय किए जाएंगे। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की घोषणा की थी। माना जा रहा है कि इस बार अगर सरकार आयात मानकों में कड़ाई दिखाती है तो इससे घरेलू उद्योगों को फायदा मिल सकता है, जिससे आयात शुल्क का बोझ कम होगा और लोगों को लोहे से जुड़ी चीजों को सस्ते में खरीदने में आसानी होगी।
मोबाइल-पार्ट्स सस्ते होना तय
इससे पहले सरकार ने बुधवार को ही बड़ी घोषणा की। यह एलान मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। भारत सरकार ने मोबाइल फोन के प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स-पार्ट्स पर आयात शुल्क में कटौती की है। मोबाइल पार्ट्स पर अब आयात शुल्क 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि सिम सॉकेट, मेटल पार्ट्स, सेलुलर मॉड्यूल और अन्य मैकेनिकल आईटम पर आयात शुल्क अब 5 फीसदी कम लगेगा। मिडिल कवर, मेन लेंस, बैक कवर, जीएसएम एंटीना, पीयू केस, सीलींग गास्केट, सिम सॉकेट, स्क्रू और अन्य प्लास्टिक और मेटल मैटेरियल पर भी आयात शुल्क कम किया गया है।
सरकार के इस फैसले से भारत में अपने फोन का प्रोडक्शन कर रहीं कंपनियां काफी खुश होंगी, क्योंकि कच्चे माल के आयात में उन्हें अब कम टैक्स देना होगा। इसका असर मोबाइल फोन की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा। सरकार के इस फैसले से मोबाइल फोन सस्ते होंगे।
कुछ और चीजों को महंगा करने की तैयारी?
दूसरी तरफ सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा सकती है। बताया गया है कि इनमें लग्जरी आइटम से लेकर इलेक्ट्रॉनिक, एविएशन और स्पोर्ट्स सेक्टर की चीजें शामिल हैं। बताया गया है कि मंत्रालय की सिफारिश के बाद वित्त मंत्री ने इसकी लिस्ट भी तैयार कराई है। इससे आने वाले समय में देश में बनी चीजों को ही प्रमोट करने में मदद मिलेगी।