बीते महीने यानी फरवरी में देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 8.1 फीसदी पर आ गई। बता दें कि यह इसका छह महीने का उच्च स्तर है। इससे पिछले महीने जनवरी में बेरोजगारी दर 10 महीने के निचले स्तर पर 6.57 फीसदी थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।
गांवों में सबसे ज्यादा इजाफा
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गांवों में काम की कमी के चलते फरवरी में देश की बेरोजगारी दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। सीएमआईई के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी 2022 में गांवों में बेरोजगारी 2.51 फीसदी बढ़ी है और यह उछलकर 8.35 फीसदी पर पहुंच गई है। जबकि, इसके विपरीत शहरों में बेरोजगारी दर पिछले महीने 7.55 फीसदी रही जो कि इसका चार महीने का निचला स्तर है।
मई 2021 में उच्च स्तर पर थी
सीएमआईई के अनुसार, बीते साल 2021 के मई महीने में देश की बेरोजगारी दर 11.84 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि इस स्तर को छूने के बाद से ही इसमें गिरावट देखने को मिली। और नए साल की शुरुआत में यानी जनवरी 2022 में करीब आधा कम होकर 6.57 फीसदी के स्तर पर आ गया। फरवरी के आंकड़ों को देखने के बाद ये फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
ऐसे तैयार की जाती है रिपोर्ट
गौरतलब है कि सीएमआईई 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का सर्वे करता है और उनसे रोजगार की स्थिति की जानकारी एकत्रित करता है। इसके बाद जो परिणाम सामने आते हैं उनके आधार पर बेरोजगारी रिपोर्ट तैयार की जाती है। किसी महीने की बेरोजगारी दर 6.5 रहने का मतलब होता है कि वहां हर 1000 लोगों में से 65 को कोई काम नहीं मिला है।