पीएम के अप्रवासियों को शरण देने से जुड़े दावे पर विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए थे। इस सप्ताह की शुरुआत में, ब्रिटेन के गृह कार्यालय ने कहा था कि पिछले एक साल में शरण के 112,000 मामलों पर कार्रवाई की गई, जो सुनक के 2022 के अंत में लंबित 92,000 आवेदनों के प्रारंभिक लक्ष्य से अधिक है।
ब्रिटेन की सांख्यिकी निगरानी संस्था ने गुरुवार को बताया वह सरकार की उस हालिया घोषणा पर गौर कर रही है जिसमें कहा गया है कि 2023 के अंत तक देश में अप्रवासियों को शरण देने से जुड़े लंबित मामलों को निपटाने के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है। पीएम के इस दावे पर विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए थे। इस सप्ताह की शुरुआत में, ब्रिटेन के गृह कार्यालय ने कहा था कि पिछले एक साल में शरण के 112,000 मामलों पर कार्रवाई की गई, जो सुनक के 2022 के अंत में लंबित 92,000 आवेदनों के प्रारंभिक लक्ष्य से अधिक है।
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हालांकि, विपक्षी लेबर पार्टी ने इसका विरोध किया था और सरकार पर जनता को "गुमराह" करने का आरोप लगाया था। अब यह सामने आया है कि सांख्यिकी विनियमन कार्यालय (ओएसआर) को एक औपचारिक शिकायत की गई है जो स्वतंत्र रूप से आधिकारिक आंकड़ों निगरानी करता है।
ओएसआर के एक प्रवक्ता ने कहा, "सांख्यिकी विनियमन कार्यालय ने पुष्टि की है कि वह सरकार की घोषणा के सच्चाई की पड़ताल कर रही है।"
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में दावा किया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में बुनियादी बदलाव और दक्षता बढ़ाने से 2002 के बाद से एक वर्ष में सबसे ज्यादा शरण देने से जुड़े मामले निपटाए गए। इसमें प्रक्रिया में तेजी लाने लाने के लिए 1,200 केसवर्कर्स को तैनात किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक अवैध प्रवासियों को उनके मूल देश में तेजी से वापस भेजा जा सके।