फॉर्च्यून की वार्षिक '40 अंडर 40' सूची में दो भारतीय-अमेरिकियों ने अपनी जगह बनाई है। 2022 की सूची में व्यवसाय को आकार देने वाले संस्थापकों, अधिकारियों, निवेशकों और कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। इसमें जगह बनाने वालों में भारतीय मूल के कणव करिया और अंकित गुप्ता शामिल हैं। कणव जंप क्रिप्टो के अध्यक्ष हैं और अंकित बाइसिकल हेल्थ के संस्थापक और सीईओ हैं।
फॉर्च्यून की 40 अंडर 40 सूची में प्रसिद्ध कलाकार रिहाना और दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले टिक टॉकर खाबी लैम भी शामिल हैं। फॉर्च्यून ने कहा कि उसकी वार्षिक 40 अंडर 40 सूची 2022 में व्यवसाय को आकार देने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों पर प्रकाश डालती है।
अंकित बोले- सम्मानित महसूस कर रहा हूं
अंकित गुप्ता ने ट्वीट में लिखा कि इस साल फॉर्च्यून की '40 अंडर 40' सूची में शामिल होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा उद्योग को आकार देने वाले सभी अद्भुत ट्रेलब्लेजर के बीच में। बाइसिकल हेल्थ में हमारी अविश्वसनीय टीम और ओयूडी (ओपियोइड यूज डिसऑर्डर) के साथ रोगियों की देखभाल के लिए उनके समर्पण की एक अच्छी-खासी पहचान है।
जंप क्रिप्टो ने एक साल में 100 से अधिक क्रिप्टो कंपनियों में किया निवेश
फॉर्च्यून ने कणव करिया के बारे में बताया कि उन्होंने क्रिप्टो कंपनियों के लिए जंप ट्रेडिंग स्टार्टअप इनक्यूबेटर में एक इंटर्न के रूप में शुरुआत की थी। फिर कंपनी ने पिछले साल उन्हें अपने रीब्रांडेड जंप क्रिप्टो की बागडोर सौंपी। इस कंपनी में करीब 170 लोग काम करते हैं। उनके जंप क्रिप्टो की बागडोर हाथ में आने के बाद क्रिप्टो स्पेस में निवेश में अरबों रुपयों की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही कहा कि ऐसे समय में जब क्रिप्टो मंदी का दौर जारी है, फॉर्च्यून ने कहा कि करिया की जंप क्रिप्टो अप्रभावित है और लगभग एक साल में इसने 100 से अधिक क्रिप्टो कंपनियों में निवेश किया है।
बाइसिकल हेल्थ 29 राज्यों में फैला
अंकित गुप्ता ने 2017 में कैलिफोर्निया एक क्लिनिक खरीदा। इसके बाद ओपिओइड-उपचार दवाओं को ऑनलाइन देने के लिए बाइसिकल हेल्थ के रूप में वर्चुअल केयर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। बता दें कि ओपिओइड विशेष टेलीहेल्थ सेवाएं प्रदान करता है। फॉर्च्यून के मुताबिक बाइसिकल हेल्थ को 29 राज्यों में विस्तारित किया गया है और वेंचर फंडिंग में 83 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए गए। इसका उद्देश्य उच्च-गुणवत्ता, एकीकृत चिकित्सा तक पहुंच बढ़ाना है।