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Housing Prices: शीर्ष आठ शहरों में दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा बढ़ी मकानों की कीमत, आगे भी बढ़ता रहेगा भाव

Wed, 16 Nov 2022 11:51 PM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आवास की कीमतों में सितंबर 2020 से तेजी देखी गई है। एनसीआर में सबसे ज्यादा 21 फीसदी कीमत गोल्फ कोर्स इलाके में बढ़ी है। दूसरे स्थान पर गाजियाबाद है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश के शीर्ष-8 शहरों में जुलाई-सितंबर के दौरान मकानों की कीमतें दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा 14 फीसदी बढ़ी है। इस वृद्धि के साथ दिल्ली-एनसीआर में औसत कीमत 7,741 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई। वहीं, शीर्ष-8 शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), अहमदाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू, पुणे, चेन्नई और कोलकाता में मकानों के दाम सालाना आधार पर 6 फीसदी बढ़े हैं।

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क्रेडाई, कोलियर्स इंडिया एवं लियासेस फोरास की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण सामग्रियों के दाम बढ़ने और इस साल की शुरुआत से मांग बढ़ने के कारण मकानों की कीमतों में इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीआर में सबसे ज्यादा 21 फीसदी कीमत गोल्फ कोर्स इलाके में बढ़ी है। गाजियाबाद दूसरे स्थान पर है। 

क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्धन पटोदिया ने कहा कि रियल एस्टेट बाजार में कीमतों के मामले में सुधार दिख रहा है। कोरोना की लहर ठप पड़ने से ग्राहकों की धारणा लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले समय में बिना बिके मकानों की संख्या में गिरावट आ सकती है। हालांकि, वैश्विक महंगाई के रुझान और मजबूत मांग के कारण मकानों की कीमतें ऊपर बनी रहेंगी।

  • 7741 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई दिल्ली-एनसीआर में कीमतें जुलाई-सितंबर के दौरान
  • एनसीआर में सबसे ज्यादा 21% कीमत गोल्फ कोर्स इलाके में बढ़ी है, गाजियाबाद दूसरे स्थान पर 

इन शहरों में भी महंगे हुए मकान

शहर वृद्धि औसत कीमत
कोलकाता 12 फीसदी 6,594
अहमदाबाद 11 फीसदी 6,077
पुणे 9 फीसदी 8,013
हैदराबाद 8 फीसदी 9,266
बंगलूरू 6 फीसदी 8,035
चेन्नई बदलाव नहीं 7,222
मुंबई बदलाव नहीं 19,485
(औसत कीमत : रुपये प्रति वर्ग फुट में)
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महंगाई के बावजूद बनी हुई है मांग
कोलियर्स इंडिया के सीईओ रमेश नायर ने कहा कि बढ़ती महंगाई और लागत में बढ़ोतरी से पूरे देश में आवासीय कीमतों में इजाफा हुआ है। इसके बावजूद आवासीय गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं। हालांकि, मंदी की आशंका से वेतनभोगी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, जिनकी शीर्ष शहरों में मकान खरीदने में हिस्सेदारी काफी कम है।

सर्वाधिक बिक्री की उम्मीद
लियासेस फोरास के प्रबंध निदेशक पंकज कपूर ने कहा, इस कैलेंडर वर्ष की तीन तिमाहियों में बिक्री 16 फीसदी अधिक रही है। भारतीय आवासीय बाजार के लिए 2022 सबसे बेहतर साल साबित हो सकता है। इस दौरान सर्वाधिक बिक्री होने की उम्मीद है।

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