केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दावा किया कि सरकार की पहल और उद्योग जगत समेत सभी वर्गों के योगदान से भारत 2047 से पहले ही एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की ओर से आयोजित विकसित भारत@2047 सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साहसिक नीतियों और लिए गए फैसलों की वजह से भारत दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं से शीर्ष पांच में शामिल होने की ओर बढ़ गया है।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि चुनावों में मिले स्पष्ट जनादेश के कारण प्रधानमंत्री को कड़े फैसले लेने की शक्ति मिली। उन्होंने कहा, ''यदि आप 2014 पर गौर करें तो हम दुनिया की कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल थे। भ्रष्टाचार के मामले थे। बहुत सारे लोग कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे थे। डिलीवरी एक बड़ी चुनौती थी। एक खोए हुए दशक से 'टेकडे' तक, यूपीए के समय से यूपीआई के समय तक की यह यात्रा कैसी रही है, यह पूछा जाए तो मुझे लगता है कि चीजें बदल गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों से किए गए अपने आश्वासनों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया और इससे सुनिश्चित हुआ कि लाभार्थियों को उनका उचित हक मिले। ठाकुर ने कहा कि चीजें अच्छी हुई हैं और पिछले 10 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग, हवाई अड्डे, एम्स, आईआईएम, आईआईटी, मेडिकल कॉलेज, मेट्रो रेल और ग्रामीण सड़कों का रिकॉर्ड निर्माण हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जो हमने 10 साल में दिया है, दूसरे 60 साल में नहीं दे सके। यह एक बड़ा अंतर है, इस तरह हम कमजोर पांच से शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में आ गए हैं।" ठाकुर ने करदाताओं को कर्मठता से कर का भुगतान करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि प्रधानमंत्री ने धन का पूरी तरह से उपयोग किया है और यह सुनिश्चित किया है कि समाज के हर वर्ग को उनकी सरकार की नीतियों का लाभ मिले।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री टीम वर्क और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं। ठाकुर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और पार्टी नेता अगले 100 दिनों में चुनावी मैदान में उतरेंगे ताकि मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया जा सके। उन्होंने उद्योग से अपनी इच्छा सूची सरकार के साथ साझा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह भविष्य के लिए नीतियां तैयार करने में मददगार साबित होगा।