केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा आयोजित सहकारी समितियों के माध्यम से जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने से जुड़ी राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि यह सभी भारतीयों के लिए संतोष की बात है कि हम कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं। अधिशेष उत्पादन की यात्रा में कुछ गलतियां भी की गई हैं। हमें कमजोरियों की पहचान करनी होगी। उत्पादन बढ़ाने के लिए, उर्वरक और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग ने हमारे भविष्य के लिए बुरे परिणाम दिए हैं। इसने भूमि की उर्वरता को कम कर दिया, भूमि और पानी को प्रदूषित कर दिया है।
उन्होंने कहा, "आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमने कई मापदंड निर्धारित किए हैं, जिनमें से एक जैविक खेती है। जैविक खेती को सफल बनाने के लिए हमें कई कारकों पर काम करना होगा और उन्हें एक साथ लाकर आगे बढ़ना होगा। जैविक खेती को 50 प्रतिशत से ऊपर ले जाने का लक्ष्य बहुआयामी दृष्टिकोण के बिना संभव नहीं है।"
केंद्रीय मंत्री ने एनओसीएल के भारत आर्गेनिक्स ब्रांड को किया लॉन्च
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नवगठित नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) के 'भारत ऑर्गेनिक्स' ब्रांड को लॉन्च किया और कहा कि यह भारत और विदेशों में सबसे "भरोसेमंद" ब्रांड के रूप में उभरेगा। शाह ने एनसीओएल का लोगो, वेबसाइट और ब्रोशर भी लॉन्च किया।
उन्होंने पांच सहकारी समितियों को एनसीओएल सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए। शाह ने यहां सहकारी समितियों के माध्यम से जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, "एनसीओएल जैविक उत्पादकों के लिए एक मंच है। आज हम 'भारत ऑर्गेनिक्स' ब्रांड के तहत छह उत्पाद और दिसंबर तक 20 उत्पाद पेश कर रहे हैं।
केंद्र को अक्तूबर में विभिन्न विभागों के खिलाफ 1.13 लाख जन शिकायतें मिलीं
केंद्र को अपने विभिन्न विभागों के खिलाफ 1.13 लाख जन शिकायतें मिली हैं और चालू वर्ष के दौरान केंद्रीय मंत्रालयों में शिकायतों के निपटारे का औसत समय 19 दिन है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने अक्टूबर, 2023 के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) मासिक रिपोर्ट जारी की, जो सार्वजनिक शिकायतों के प्रकार और श्रेणियों और निपटान की प्रकृति का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करती है।
बयान के अनुसार, "केंद्रीय सचिवालय ने अक्टूबर 2023 में अब तक की सबसे कम लंबित शिकायतें दर्ज कीं। अक्टूबर, 2023 की प्रगति से पता चलता है कि केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा 1,23,491 शिकायतों का निवारण किया गया है।"