करदाताओं को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने राहत दी है। करदाता अब 15 अगस्त तक फॉर्म 15सीए/15सीबी मैन्यूअल ढंग से और अधिकृत डीलरों के माध्यम से पेश कर सकेंगे।
सीबीडीटी ने अब उक्त दोनों फॉर्म को मैन्युअली फाइल करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब करदाता दोनों फॉर्म मैनुअल फॉर्मेट में अधिकृत डीलर के माध्यम से 15 अगस्त 2021 तक जमा कर सकते हैं। सीबीडीटी ने कहा है कि डॉक्युमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) जनरेट करने के लिए दोनों फॉर्म को ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा बाद में दी जाएगी।
Taxpayers can now submit Form 15CA/15CB in manual format to the authorized dealers till 15th August: CBDT
इंफोसिस ने आईटी पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों को स्वीकार किया : वित्त मंत्रालय
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि इंफोसिस ने नए आयकर पोर्टल में तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है। पोर्टल के धीमे काम करने एवं कुछ आवश्यक गतिविधियों के उपलब्ध नहीं होने जैसी कुछ शुरुआती गड़बड़ियों को दूर कर दिया गया है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्य को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के नए पोर्टल की शुरुआत सात जून हुई और पहले ही दिन करदाताओं, कर पेशेवरों और अन्य अंशधारकों ने इसके कामकाज में गड़बड़ियों की सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि इसके कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समीक्षा करने के लिए पोर्टल विकसित करने वाली कंपनी, इंफोसिस के अधिकारियों के साथ 22 जून को बैठक बुलाई।
चौधरी ने कहा कि भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), कर पेशेवर और करदाता सहित विभिन्न हितधारकों की ओर से पोर्टल में 90 दिक्कतों / समस्याओं सहित 2,000 से अधिक मुद्दों का विवरण देने वाले 700 से अधिक ई-मेल प्राप्त हुए थे।
लगातार हल की जा रही समस्याएं
चौधरी ने कहा कि इंफोसिस ने पोर्टल के कामकाज में तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है और सूचित किया है कि तकनीकी समस्याओं को लगातार हल किया जा रहा है। पोर्टल की सुस्ती, कुछ जरूरी चीजों की अनुपलब्धता या तकनीकी मुद्दों के संबंध में करदाताओं को होने वाली दिक्कतों को दूर किया गया है। मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर इंफोसिस के माध्यम से सुधारात्मक उपाय कर रहा है।
2019 में किया था इंफोसिस से करार
वर्ष 2019 में, इंफोसिस के साथ उन्नत आयकर दाखिल करने की प्रणाली को विकसित करने के लिए एक अनुबंध किया गया था ताकि रिटर्न के लिए समीक्षा के समय को 63 दिनों से कम करके एक दिन किया जा सके और रिफंड में तेजी लाई जा सके।
सरकार ने मांगी 23,674 करोड़ रूपये के नकद व्यय की मंजूरी
केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-22 की पूरक अनुदान की मांगों की पहले बैच के तहत 1,87,202.41 करोड़ रूपये के सकल अतिरिक्त व्यय को अधिकृत करने के लिए संसद की मंजूरी मांगी है। इसमें नकद व्यय के प्रस्तावों से संबंधित कुल राशि 23,674.81 करोड़ रूपये है।