कारोबार की लागत में शामिल करें ब्याज
घर में रखा 500 ग्राम तक साेना आयकर दायरे से बाहर
अगर किसी के घर में 500 ग्राम तक सोना है, तो वह आयकर के दायरे में नहीं आएगा। इतना ही नहीं इस पर आय का स्रोत बताने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी, आयकर कानून के तहत कोई भी व्यक्ति अपने घर में 500 ग्राम तक सोना बिना किसी आय प्रमाण के रख सकता है। किसी तरह की छापेमारी या जांच में आयकर विभाग इस सोने को जब्त नहीं कर सकता है।
हर वर्ग के लिए अलग दायरा
क्लेम में बरतें सावधानी
करदाता को इस बात का ध्यान रखना होगा कि क्लेम के समय आयकर अधिकारी कार के कारोबार में इस्तेमाल होने का प्रमाण मांग सकते हैं। अगर किसी ने झूठा दावा पेश किया है तो न सिर्फ क्लेम खारिज होगा, बल्कि आयकर विभाग कार्रवाई भी कर सकता है। बेहतर होगा कि रिटर्न भरते समय करदाता सभी जरूरी दस्तावेजों का उल्लेख जरूर करें। -बलवंत जैन, कर एवं निवेश विशेषज्ञ
प्रमाण के साथ कितना भी सोना रखें
करदाताओं के पास खरीदे गए सोने की रसीद या प्रमाण पत्र है, तो कितना भी सोना घर में रखा जा सकता है। ध्यान रहे कि जरूरत पर आयकर विभाग को इसकी वैध जानकारी देनी पड़ेगी। -अनुज गुप्ता, आईआईएफएल सिक्योरिटीज
अक्तूबर से ऑनलाइन जमा होंगे पेंशन के लिए जीवन प्रमाण पत्र
80 साल या उससे ज्यादा उम्र वाले पेंशनधारक 1 अक्तूबर से अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। यह सुविधा 30 नवंबर, 2021 तक जारी रहेगी। अन्य पेंशनधारकों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा 1 नवंबर से 30 नवंबर तक दी जाएगी।
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने प्रधान डाकघरों को जीवन प्रमाण पत्र एकत्र करने के लिए केंद्र बनाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी निष्क्रिय आईडी को दोबारा सक्रिय करने का भी निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को भी 20 सितंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है।
एमएसएमई को चार साल में डेढ़ गुना ज्यादा कर्ज
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को कर्ज बांटने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। क्रेडिट ब्यूरो ने रविवार को जारी रिपोर्ट बताया कि पिछले चार वित्तवर्ष में एमएसएमई को डेढ़ गुना ज्यादा कर्ज मिला है। 2016-17 में वाणिज्यिक कर्ज में एमएसएमई की हिस्सेदारी 16.2% थी, जो 2020-21 तक 24.6% पहुंच गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 50 करोड़ से कम कर्ज की हिस्सेदारी 85% है। चार वित्तवर्ष में एमएसएमई को कर्ज बांटने में मूल्य के लिहाज से 33% व संख्या के लिहाज से 47% की वृद्धि हुई।