टाटा पावर ने वित्त वर्ष 2025 में पूंजीगत व्यय के लिए 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई है। कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कंपनी की 105वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को बताया कि पूंजीगत व्यय का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को गति देने के लिए होगा। यह वित्त वर्ष 2024 में निवेश किए गए 12,000 करोड़ रुपये की राशि से काफी अधिक है। कंपनी इसका उपयोग अपनी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने और ट्रांसतिशन सहित डिस्ट्रब्यूशन कारोबार पर खर्च करेगी।
टाटा समूह के मुखिया एन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा पावर अन्य राज्यों में नए वितरण विस्तार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी निवेश करेगी। इसके अलावा कंपनी सरकार से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर में भागीदारी की संभावना भी तलाशेगी।
पांच करोड़ उपभोक्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य
चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा पावर मौजूदा और निर्माणाधीन परियोजनाओं के जरिए दो से पांच साल में 15 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह क्षमता इस समय नौ गीगावाट की है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य वितरण कारोबार के विस्तार के जरिये पांच करोड़ उपभोक्ताओं को जोड़ने का है, कंपनी के उपभोक्ताओं की मौजूदा संख्या 1.25 करोड़ से अधिक है।
औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा देने पर जोर
चंद्रशेखरन के अनुसार कंपनी विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों पर फोकस कर रही है। जिसमें 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा दी जा सके। उन्होंने कहा कि भारत की हरित ऊर्जा के क्षेत्र बदलाव का नेतृत्व करने के लिए कंपनी अच्छी स्थिति में है। चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी रूफटॉप सोलर मे तेजी विस्तार कर रही है। पीएम सूर्य घर योजना के साथ हम बाजार में अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ा रहे हैं।