दूरसंचार क्षेत्र के दिग्गज सुनील भारती मित्तल ने भी मंगलवार को इस बात की वकालत की कि उपग्रह कंपनियों को लाइसेंस शुल्क का भुगतान करने के साथ-साथ अपनी दूरसंचार सेवाओं के लिए ‘एयरवेव’ खरीदना चाहिए जैसा कि पुरानी कंपनियां करती हैं, ताकि इस क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध हो सके।
एयरटेल ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है कि दूरसंचार प्रमुख ने एलन मस्क की स्टारलिंक जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों सहित संभावित उपग्रह संचार कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन पर अपना रुख बदल दिया है। भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने आज इंडिया मोबाइल कांग्रेस ( आईएमसी ) 2024 में अपने संबोधन में कहा कि सैटकॉम कंपनियों को अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों की तरह स्पेक्ट्रम खरीदना चाहिए।
एक सवाल का जवाब देते हुए, मित्तल ने कहा कि इस विषय पर छह महीने पहले दूरसंचार कंपनी ने दूरसंचार विभाग को लिखा था और एयरटेल के अपने रुख को बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। दूरसंचार विभाग को मार्च 2024 में लिखे गए पत्र में कहा गया था कि सैटकॉम कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन का समर्थन केवल विशिष्ट परिस्थितियों में किया जाएगा, जैसे कि असंबद्ध/ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों या समुद्री और विमानन को जोड़ने या आपदा प्रबंधन की स्थितियों में।