केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती करते हुए पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी की और जनता को बड़ी राहत दी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही सीएनजी की कीमतें भी घटा सकती है। दरअसल, वाहन कंपनियों के संगठन सियाम ने सरकार इसकी मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार इस मांग पर विचार कर सकती है।
सियाम ने सरकार से किया ये आग्रह
सियाम ने रविवार को सीएनजी की कीमतों में कटौती करने और इस्पात एवं प्लास्टिक उत्पादों के कुछ कच्चे माल पर आयात शुल्क घटाने का सरकार से अनुरोध किया है। ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को टैग करते हुए संगठन ने लिखा कि वाहन उद्योग पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने के फैसले का स्वागत करता है। इस फैसले से मुद्रास्फीति पैदा करने वाले दबावों में नरमी आएगी और देश की आम जनता को राहत मिलेगी। इस संबंध में जारी रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि इस मांग पर सरकार विचार कर सकती है और आने वाले दिनों में सीएनजी के दाम में भी कटौती देखने को मिल सकती है।
दो महीने के भीतर 13 बार बढ़े दाम
गौरतलब है कि जहां एक ओर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई थी और अब इनके दाम कम कर दिए गए। तो वहीं दूसरी ओर सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दो महीने के भीतर सीएनजी की कीमतों में 13 बार वृद्धि की गई है। इसके बाद दिल्ली में सीएनजी का दाम बढ़कर 75.61 रुपये हो गया है। यहां बता दें कि सीएनजी का दाम सात मार्च के बाद से अब तक प्रति किलो पर 19.60 रुपये बढ़ गया है।
एक साल में 32 रुपये महंगी सीएनजी
पहले पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी की मार जनता ने झेली, तो इन दोनों में महीने भर से ज्यादा समय से स्थिरता के बीच सीएनजी की कीमतों ने बड़ा झटका दिया है। आंकड़ों को देखें तो बीते एक साल में सीएनजी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है। सालभर में इसकी कीमत में 60 फीसदी या 32.21 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि देखने को मिली है। आईजीएल के प्रबंध निदेशक संजय कुमार ने कहा कि प्राकृतिक गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण निकट भविष्य में कीमतों में तेजी रहने की संभावना है। जनवरी 2022 से लगभग हर हफ्ते सीएनजी में लगभग 50 पैसे प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई।
मांग अधिक और आपूर्ति हुई कम
बता दें कि बीते एक अप्रैल से सरकार द्वारा स्थानीय रूप से उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमत दोगुनी से अधिक 6.1 डॉलर प्रति एमबीटीयू किए जाने के बाद से दाम में वृद्धि देखने को मिल रही है। सीएनजी की कीमत बढ़ने के पीछे मांग और आपूर्ति का संकट है। इस समय पूरी दुनिया में गैस की सप्लाई गड़बड़ाई हुई है। गैस की मांग अधिक है और आपूर्ति कम है। इसके चलते तेल विनियमित क्षेत्रों से नेचुरल गैस के उत्पादन की कीमत दोगुनी से अधिक हो गई। इस वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए सियाम ने सरकार से गुहार लगाई है।