भारत में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में फरवरी में बेहतर मांग की स्थिति और कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के कारण सुधार देखने को मिला है। एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, बीते महीने इंडेक्स 51.8 हो गय, जो कि इससे पिछले जनवरी महीने की तुलना में कुछ ऊपर है।
जनवरी में 51.5 के स्तर पर था
आईएचएस मार्किट इंडिया के अनुसार, फरवरी में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों का इंडेक्स बढ़कर 51.8 पर आ गया, जो कि जनवरी महीने में 51.5 पर था। रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार की ये दर पिछले साल जुलाई के बाद से दूसरी सबसे धीमी है। गौरतलब है कि जनवरी महीने में भारत में सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) की गतिविधियां छह माह के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं। जबकि, दिसंबर 2021 में यह आंकड़ा 55.5 के स्तर पर रहा था।
कोरोना का प्रभाव कम हुआ
बता दें कि कि 50 से ऊपर की पीएमआई का मतलब होता है कि गतिविधियों में विस्तार देखने को मिल रहा है। वहीं पीएमआई के 50 से कम होना गतिविधियों में संकुचन को प्रदर्शित करता है। शुक्रवार को जारी की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया कि फरवरी में मांग की स्थिति में सुधार हुआ है और कोरोना महामारी का प्रभाव कम होता दिखा है। ये दो प्रमुख कारण रहे हैं कि इन गतिविधियों में उछाल आया है। आईएचएस मार्किट के निदेशक और अर्थशास्त्री पोलीन्ना डी लीमा ने कहा कि भले ही नए व्यवसाय और उत्पादन तेजी से बढ़े, लेकिन वे अपने-अपने दीर्घकालिक औसत से नीचे थे। इस बीच महामारी से संबंधित अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण भी वृद्धि धीमी रही।
विनिर्माण क्षेत्र में भी हुआ सुधार
इससे पहले बुधवार को आई रिपोर्ट के अनुसार, विनिर्माण पीएमआई पर मासिक सर्वेक्षण से पता चला है कि फरवरी में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में भी सुधार हुआ है। इसमें कहा गया कि उत्पादन और नए आर्डर की संख्या बढ़ने से देश के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां फरवरी माह के दौरान बढ़ी हैं। मांग की अनुकूल स्थिति से इन गतिविधियों को समर्थन मिला है। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई फरवरी में बढ़कर 54.9 अंक पर पहुंच गया। एक महीना पहले जनवरी में यह 54.0 पर था।