शेयर बाजार में बुल्स के लिहाज से बीता हफ्ता रिकॉर्डतोड़ रहा। शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी रिकॉर्ड हाई पर बंद हुए। जबरदस्त खरीदारी के चलते सेंसेक्स, निफ्टी, बैंक निफ्टी समेत ज्यादातर इंडेक्स नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए।
शुक्रवार के कारोबारी सेशन के दौरान बाजार की चौतरफा तेजी के दौरान आईटी सेक्टर के शेयरों में बड़ी खरीदारी दिखी। एनएसई पर निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4.5% का उछाल आया। इसके साथ ही मेटल और पीएसयू बैंकिंग इंडेक्स भी 2-2% मजबूत हुए। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 929 अंकों की मजबूती के साथ 70,514 के स्तर पर बंद हुआ था।
अमेरिका में मार्च 2024 तक नीतिगत दर में कटौती के ऊंचे दांव के बीच वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर सूचकांक बैंकिंग, वित्तीय और आईटी कंपनियों के शेयरों की अगुवाई में शुक्रवार को नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गए। इस दौरान बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 2.76 लाख करोड़ रुपये और इस सप्ताह 8.55 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 357.78 लाख करोड़ रुपये हो गया।
सेंसेक्स को 71,000 अंक के पार ले जाने और निफ्टी के 21,000 का नया रिकॉर्ड बनाने में एफआईआई यानी विदेशी संस्थागत निवेशकों का खासा योगदान रहा। दिसंबर में उनकी ओर से भारतीय बाजार में रोजाना औसतन 3,900 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश का निवेश किया गया है। इस दौरान 30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स में 4000 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। एनएसडीएल के आंकड़ों से पता चलता है कि महीने के पहले 10 दिनों में एफआईआई ने दलाल स्ट्रीट में 39,260 करोड़ रुपये का निवेश किया। यूएस फेड की ओर से 2024 में तीन बार ब्याज दरों में कटौती के संकेत के के बाद बाजार में एक बार फिर नए साल में भारतीय शेयरों की मांग विदेशी पूंजी निवेशकों के बीच बढ़ सकती है। सितंबर और अक्तूबर महीने में लगातार बिकवाली के बाद नवंबर में भारतीय बाजार में एफआईआई का प्रवाह का प्रवाह 9,000 करोड़ रुपये बढ़ा था। अब दिसंबर में यह एक नए स्तर पर पहुंच गया है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक, टीसीएस और इंफोसिस में सबसे ज्यादा 5-6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। एसबीआई, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और विप्रो के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ केवल नेस्ले, भारती एयरटेल, मारुति और आईटीसी के शेयर लाल निशान पर बंद हुए। आईटी शेयरों में यह तेजी तब आई है जब फेड ने स्वीकार किया कि वह मुद्रास्फीति को कम करने में वास्तविक प्रगति कर रहा है, फिलहाल दरों में ठहराव बनाए रखा गया है।
सेक्टोरल मोर्चे पर, निफ्टी आईटी में 4.5% की तेजी आई, जबकि निफ्टी मेटल, और निफ्टी पीएसयू बैंक में 2% से अधिक की तेजी आई। जबकि निफ्टी ऑटो, एफएमसीजी, मीडिया और रियल्टी में गिरावट दिखी।
नए सूचीबद्ध आईआरईडीए शेयर लगातार सात दिनों तक बढ़ने के बाद 10% की लोअर सर्किट में बंद हुए। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) 1.5% की बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि यह एक लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप को पार करने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का तीसरा बैंक बन गया है।
घरेलू शेयर बाजारों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी और विदेशी पूंजी प्रवाह जारी रहने से रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 27 पैसे उछलकर 83.03 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। फॉरेक्स डीलरों ने कहा कि बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 71,000 अंक के नए स्तर को पार कर गया। विदेशी निवेशकों की भारी लिवाली से भी रुपये की धारणा मजबूत हुई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 83.30 पर स्थिर खुला।
शुरुआती कारोबार में 83.32 रुपये प्रति डॉलर के दिन के निचले स्तर को छूने के बाद रुपये ने नुकसान से उबरते हुए 82.94 रुपये प्रति डॉलर की ऊंचाई तक का रुख किया। अंत में रुपया 27 पैसे की बढ़त के साथ 83.03 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर रुपये में 37 पैसे की तेजी आई। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक 101.01 पर लगभग स्थिर रहा।