घरेलू शेयर बाजार में वित्तीय वर्ष 2025-26 की 2020 के बाद सबसे खराब शुरुआत हुई। ईद की छुट्टी के बाद मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,390.41 अंक या 1.80 प्रतिशत गिरकर 76,024.51 पर बंद हुआ। इसके 28 घटक शेयरों में गिरावट रही और केवल दो बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टूब्रो, टेक महिंद्रा और एनटीपीसी सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। लाभ में रहने वालों में इंडसइंड बैंक में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि जोमैटो में मामूली बढ़त रही।
Tariff: ट्रंप की धमकियों के बीच सरकार ने किया टैरिफ का बचाव, मंत्री बोले- हम घरेलू उद्यागों की रक्षा चाहते
अन्य एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजार भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए। जानकारों के अनुसार तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया है।
Capex: 'पूंजीगत व्यय में नहीं की गई कटौती', वित्त मंत्री बोलीं- FY26 के लिए यह बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2024-25 में सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत और निफ्टी 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। शुक्रवार को सेंसेक्स 191.51 अंक या 0.25 प्रतिशत गिरकर 77,414.92 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 72.60 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 23,519.35 पर बंद हुआ।
इस दौरान उतार-चढ़ाव को मापने वाले इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में 9 फीसदी की वृद्धि देखी गई। वहीं, सरकार ने मंगलवार को मार्च 2025 के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 में कुल 1.96 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह किया गया है।