पूंजीगत व्यय में कटौती नहीं की गई है, बल्कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इसे बढ़ाकर 11.21 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है और इसी वर्ष पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को दिए जाने वाले ऋण में भी आनुपातिक वृद्धि की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि भारत 658.8 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला चौथा सबसे बड़ा देश है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने के लिए देश के आयात को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने सदस्यों को विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाता घाटे पर उनकी चिंताओं से अवगत कराया।
वित्त मंत्री ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करना चाहती हूं कि 25 मार्च, 2025 तक कुल विदेशी मुद्रा भंडार 658.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। किसी भी देश के विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में हम चौथे सबसे बड़े देश हैं। इसका मतलब है कि हमारे पास जो विदेशी मुद्रा भंडार है, वह हमारे 11 महीने के आयात का ध्यान रखने के लिए पर्याप्त है।" वित्त मंत्री ने कहा, "हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में थोड़ी गिरावट आई है, फिर भी आज स्थिति यह है कि विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में हम चौथे सबसे बड़े देश हैं।"