शेयर मार्केट में यह तेजी मूलभूत ढांचे से जुड़ी कंपनियों के कामकाज में सबसे ज्यादा देखी जा रही है। इसके अलावा गृह निर्माण और उपभोक्ता उत्पादों से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखी जा रही है। कमजोर होते विदेशी बाजार के बीच ऐशियाई शेयरों में तेजी भारतीय शेयर बाजार में मजबूती बने रहना का बड़ा कारण है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक बार फिर भारतीय बाजार पर भरोसा जताया है जिसके कारण यह तेजी दर्ज की जा रही है। माना यह भी जा रहा है कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में भारत की जबरदस्त मार्केटिंग की है, उसके कारण भी शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों के कामकाज में तेजी आई है।
तेजड़ियों के लिए बाजार से लाभ कमाने का यह बेहतर अवसर माना जा रहा है, लेकिन बाजार की अच्छी समझ न रखने वाले ट्रेडर्स के लिए अभी बहुत सोच समझकर और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में ही निवेश करने का सुझाव दिया जाता है। ज्यादा मुनाफाखोरी के चक्कर में किसी कंपनी में पैसा लगाने से नुकसान भी हो सकता है।
आर्थिक मामलों के जानकार सीपी सिंघल ने अमर उजाला से कहा कि इस समय सोना अपने सर्वोत्तम ऊंचाई पर पहुंच गया है। जल्द में इसमें और अधिक तेजी होने की संभावना कम ही है, लेकिन आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन को देखते हुए इसमें कुछ तेजी आ सकती है। लेकिन इसके बाद भी सोने के भाव में अब और उछाल की संभावना कम ही है। इसीलिए अधिक लाभ की उम्मीद में पैसा लगाने वाले निवेशक सोने की बजाय बाजार में पैसा लगा रहे हैं जिससे यह तेजी आ रही है।
दुनिया में कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं कोरोना के झटके से अब तक उबर नहीं पाई हैं, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया के बुरे हालात में एक मजबूत बनी रही। अभी भी दुनिया की बड़ी एजेंसियों का यही अनुमान है कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर दिशा में चलती रहेगी। यही कारण है कि लंबी अवधि में तेज मुनाफा कमाने की इच्छा रखने वाले निवेशकों ने बाजार पर अपना विश्वास बनाये रखा है। इसका असर अब शेयर बाजार में दिखाई दे रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बढ़त अगले कुछ समय तक लगातार बनी रहने वाली है।