SEBI Chief: सेबी प्रमुख ने कहा कि सेबी के पास ऐसे खातों के बारे में आंकड़े और सबूत हैं, जिनमें किसी निर्दोष व्यक्ति के परिचय पत्र का इस्तेमाल ऐसे लोगों की ओर से किया जा रहा है जो शेयरों की कीमत बढ़ाने के लिए अपने परिचय का खुलासा नहीं करना चाहते।
भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख माधवी पुरी बुच ने शुक्रवार को बताया कि तीन आईपीओ में ओवर सब्सक्रिप्शन से जुड़ी गड़बड़ियां मिली हैं। नियामक ने पाया है कि तीन मर्चेंट बैंकर आईपीओ के दौरान सब्सक्रिप्शन को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहे हैं। सेबी प्रमुख ने इन मर्चेंट बैंकर्स के खिलाफ कार्रवाई का भी वादा किया है।
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एआईबीआई यानी एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच ने कहा कि आईपीओ में निवेशकों से ज्यादा ट्रेडर्स आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी खातों का इस्तेमाल आईपीओ के ओवर-सब्सक्रिप्शन दिखाने में किया जा रहा है।
सेबी प्रमुख ने कहा कि सेबी के पास ऐसे खातों के बारे में आंकड़े और सबूत हैं, जिनमें किसी निर्दोष व्यक्ति के परिचय पत्र का इस्तेमाल ऐसे लोगों की ओर से किया जा रहा है जो शेयरों की कीमत बढ़ाने के लिए अपने परिचय का खुलासा नहीं करना चाहते। बुच ने कहा कि आईपीओ में आवेदन संख्या को भी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है ताकि ग्राहकों को ऊंचे सब्सक्रिप्शन का आभास हो सके। हमारे पास ऐसे मामलों के डेटा और सबूत हैं।
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"हम मार्चेंट बैंकर्स के काम-काज करने के तरीकों को भी समझ रहे हैं। इस तरह की गड़बड़ियां बार-बार सामने आ रही हैं इसलिए निवेशकों के हित में हमें नीति की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके साथ ही प्रवर्तन कार्रवाई शुरू करनी होगी।
सेबी प्रमुख ने कहा कि खुदरा निवेशकों को आईपीओ के बाद सेकंडरी मार्केट में निवेश करना चाहिए। आईपीओ के दौरान कीमतें सटीक नहीं होतीं। बड़ी संख्या में निवेशक आईपीओ की लिस्टिंग के बाद ही शेयर बेचकर निकल जाते हैं। आंकड़ों के अनुसार आइपीओ की लिस्टिंग के एक हफ्ते के भीतर 43% खुदरा निवेशक शेयर बेचकर निकल जाते हैं। यहां तक कि 68% एचएनआई यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स लिस्टिंग के एक हफ्ते के भीतर शेयर बेचकर निकल जाते हैं।