शेयर बाजार में निवेश के लिए अपना पोर्टफोलियो बनाते वक्त किन बातों का ध्यान रखें? यह बाजार से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा सवाल है। लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद के मंच पर भारतीय बाजार से जुड़े दिग्गजों ने इस प्रश्न का जवाब दिया। संवाद के दौरान व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट के सीईओ आशीष सोमैया और कोटक म्यूचुअल फंड के सीईओ नीलेश शाह ने पोर्टफोलियो तैयार करने से जुड़े जरूरी टिप्स दिए।
पोर्टफोलिया तैयार करते हुए किन चीजों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस बारे में बताते हुए आशीष सोमैया ने कहा कि किसी कंपनी का गवर्नेंस कैसा है, यह आम निवेशकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आप किसी भी कंपनी की प्रॉफिटैबिलिटी का एनालिसिस कर लीजिए, मगर यदि उसका गवर्नेंस सही नहीं है तो दिक्कत हो सकती है। सेठ तीसरे साल में चोरी करेगा, पांचवें साल में चोरी करेगा, यह निवेशक को पता नहीं होता। इसलिए कंपनी के गवर्नेंस पर ध्यान रखना जरूरी होता है।
कार्यक्रम के दौरान व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट के सीईओ आशीष सोमैया ने कहा कि जब भी बाजार में वर्तमान जैसे हालात बनते हैं तो हमें इसका फायदा मिलने की उम्मीद होती है। फिलहाल बाजार में दो दिग्गज भिड़े हुए हैं। हमें उनकी लड़ाई का फायदा मिलेगा। एफआईआई की बिकवाली पर आशीष ने कहा कि इस गिरावट के बावजूद हमारे बाजार का रुझान सुधरेगा।
मंदी की आशंका पर आशीष ने कहा कि 'निगाहें मंजिल पर थीं, गिरे और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की, पर चिराग आंधियों में भी जलते रहे।' बाजार गिरेगा लेकिन फिर उठेगा। हमे करेक्शन का लाभ उठाना चाहिए। उसी अनुसार रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग तब पैसा लगाते हैं जब बहुत कॉन्फिडेंस महसूस करते हैं। आशीष सोमैया के अनुसार आपके वर्तमान विश्वास का आपके भविष्य के रिटर्न से कोई लेनादेना नहीं होता। जब आप 'अपुनइच भगवान है' जैसा सोचने लगते हैं, तो गिरावट का दौर शुरू हो जाता है। ऐसे में गिरे बाजार में निवेश का अधिक मौका होता है।
संवाद के दौरान कोटक म्यूचुअल फंड के सीईओ नीलेश शाह ने कहा, "पैसे के बारे में कहा गया है कि पैसों के पीछे मत भागना, पैसा हाथ का मैल है, पैसे से सबकुछ नहीं खरीदा जा सकता है। पर जब मैं बाजार में आया तो वॉरेन बफेट की एक बात पता चली। वे कहते हैं पैसा जरूरी नहीं है यह कहने से पहले पैसा बना लेना जरूरी है।" शाह ने बताया कि किसी कंपनी में निवेश के पहले उसके कैश फ्लो की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
नीलेश शाह ने कहा कि बाजार में दूसरे पर भरोसा सबसे बड़ी गलती है। खुद के रिसर्च के आधार पर निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्र के साथ-साथ निवेश का रुख भी बदल जाता है। आजकल बाजार मनोविज्ञान के आधार पर काम कर रहा है। गीता पढ़ने की जरूरत है। उससे मनोविज्ञान से जुड़ी बारीकी समझ में आती है। सोने में निवेश पर उन्होंन कहा कि इसमें निवेश जरूरी है। लोग सोना खरीदते हैं फिर बेचते नहीं है। रैली के बाद इसमें गिरावट जरूर आएगी पर निवेश किया जा सकता है। अशीष ने सोने में रैली पर कहा कि पिछले घोड़े की तेजी पर भरोसा नहीं करना चाहिए, नया घोड़ा ढूंढ़ना चाहिए।