Jharkhand Budget: झारखंड विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण के नेतृत्व में विपक्ष ने कांग्रेस सांसद धीरज साहू से जुड़े परिसरों से बेहिसाब नकदी की बरामदगी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के समन मामले पर बहस की मांग की। विपक्ष के नेता अमर बाउरी ने कहा कि नकदी की बरामदगी, ईडी का समन और बिगड़ती कानून व्यवस्था राज्य के ज्वलंत मुद्दे हैं।
झारखंड विधानसभा में सोमवार को विपक्षी भाजपा के हंगामे के बीच 2023-24 के लिए 8,111.75 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया गया। सुबह करीब 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भगवा पार्टी के विधायक हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए।
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भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण के नेतृत्व में विपक्ष ने कांग्रेस सांसद धीरज साहू से जुड़े परिसरों से बेहिसाब नकदी की बरामदगी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के समन मामले पर बहस की मांग की। विपक्ष के नेता अमर बाउरी ने कहा कि नकदी की बरामदगी, ईडी का समन और बिगड़ती कानून व्यवस्था राज्य के ज्वलंत मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी के समन का सम्मान करना चाहिए। एजेंसी द्वारा छह समन भेजे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री भाग रहे हैं। उन्हें अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए। हम सदन में बहस चाहते हैं।"
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इसका जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि साहू झारखंड विधानसभा के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, "वह राज्यसभा सदस्य हैं। यह राज्य का मामला नहीं है। जहां तक ईडी के समन का सवाल है, मुख्यमंत्री जांच एजेंसी को जवाब दे रहे हैं।"
विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सदन को उन मुद्दों से बचना चाहिए जो राज्य विधानसभा से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने हंगामा कर रहे विधायकों से अपनी सीटों पर वापस जाने का अनुरोध किया, लेकिन विधायकों ने ध्यान नहीं दिया और विरोध जारी रखा, जिसके कारण अध्यक्ष को दोपहर 12.30 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के बीच दोपहर 12 बजकर 36 मिनट पर सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। हंगामे के बीच वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने 2023-24 का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया।