पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कुल 35,132 और चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 15,968 मकान बिके थे। विभिन्न संपत्ति सलाहकार कंपनियों की मकानों की बिक्री पर चौथी तिमाही रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी की दूसरी लहर के बाद संपत्ति बाजार में अब सुधार हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री सालाना और तिमाही आधार पर बढ़ी है।
महामारी की दूसरी लहर के बाद देश के रियल एस्टेट बाजार की स्थिति में सुधार हो रहा है। सस्ते होम लोन की वजह से मकानों की मांग बढ़ने के कारण देश के आठ प्रमुख शहरों में 2021-22 की जुलाई-सिंतबर तिमाही में बिक्री सालाना आधार पर 59 फीसदी और तिमाही आधार पर तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 55,907 इकाई पहुंच गई।
विज्ञापन
हाउसिंग ब्रोकरेज कंपनी प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कुल 35,132 और चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 15,968 मकान बिके थे। विभिन्न संपत्ति सलाहकार कंपनियों की मकानों की बिक्री पर चौथी तिमाही रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी की दूसरी लहर के बाद संपत्ति बाजार में अब सुधार हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री सालाना और तिमाही आधार पर बढ़ी है।
मुंबई में सर्वाधिक बिक्री, एनसीआर में 4,458 मकान बिके
मुंबई में मकानों की बिक्री सितंबर तिमाही में सबसे ज्यादा 92 फीसदी बढ़कर 14,163 इकाई पहुंच गई।
दिल्ली-एनसीआर में 4,427 इकाइयों के मुकाबले 4,458 मकान बिके।
अहमदाबाद में बिक्री 64 फीसदी बढ़कर 5,483 और पुणे में 43 फीसदी बढ़कर 10,128 इकाई रही।
चेन्नई में बिक्री दोगुनी बढ़कर 4,665 और हैदराबाद में दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 7,812 इकाई रही।
बंगलूरू में बिक्री 36 फीसदी बढ़कर 6,547 रही, जबकि कोलकाता में सात ज्यादा मकान बिके।
नए मकानों की आपूर्ति में तीन गुना इजाफा
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही की कुल बिक्री में 45 लाख रुपये से कम कीमत वालों मकानों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 40 फीसदी रही। इस दौरान 45-47 लाख रुपये के मूल्य वाले कुल 28 फीसदी मकान बिके। मांग बढ़ने के कारण आलोच्य तिमाही में नए मकानों की आपूर्ति पिछले साल की समान तिमाही से तीन गुना ज्यादा बढ़कर 65,211 इकाई पहुंच गई।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद
प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि होम लोन की निचली ब्याज दरों, आवासीय संपत्तियों की कीमतों में कमी और महामारी के बाद अपना मकान खरीदने की अवधारणा से बिक्री में सुधार हुआ है। बिक्री के आंकड़ों को देखते हुए उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में मकानों की मांग में तेजी देखने को मिल सकती है। इससे बेसब्री से इंतजार कर रहे रियल एस्टेट उद्योग को काफी राहत मिलेगी।