भुगतान में चूक करने पर रिजर्व बैंक ने श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लि. और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लि. के निदेशक मंडल को सोमवार को भंग कर दिया। इन दोनों गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमान बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक रजनीश शर्मा को सौंपी गई है।
सोमवार को रिजर्व बैंक ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। केंद्रीय बैंक ने कहा कि दोनों गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के संचालन में नजर आ रहे संकट और विभिन्न भुगतान में चूक करने के कारण ये कदम उठाया गया है। रिजर्व बैंक ने बयान में कहा कि श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (SIFL) और श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (SEFL) के बोर्ड को भंग कर दिया गया। जल्द ही इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी रूल्स, 2019 के तहत इन दोनों गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के समाधान की प्रक्रिया शुरू होगी। रिजर्व बैंक ने कहा कि वह प्रशासक नियुक्त करने के लिए एनसीएलटी से संपर्क करेगा।
दीवान हाउसिंग के बाद दूसरी कार्रवाई
रिजर्व बैंक इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी संहिता के तहत कई सालों बाद यह दूसरी कार्रवाई करने जा रहा है। इससे पहले 2019 में दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. DHFL के खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी। हालिया वर्षों में रिजर्व बैंक ने चूक करने वाले बैंकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। अब तक तीन बैंकों-पीएमसी बैंक, यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक के निदेशक मंडल के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की गई थी।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा- फैसले से हम स्तब्ध
श्रेई समूह के प्रवक्ता ने रिजर्व बैंक के फैसले पर प्रतिक्रिया में कहा कि वह इससे स्तब्ध हैं। हमारे वकीलों की सलाह के अनुसार मामले में हम आवश्यक कदम उठाएंगे।