RBI Monetary Policy 2021: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास
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रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति न देने संबंधी अपनी बात को एक बार फिर से दोहराया है। उन्होंने कहा है कि यह केंद्रीय बैंकों के दायरे में नहीं आती है इसलिए इसे अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
पहले भी आपत्ति जता चुके हैं शक्तिकांत दास
दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी के प्रति लोगों का लगाव बढ़ रहा है। कई देशों में इसे मंजूरी दी गई हैं। मगर भारत में इसे लेकर कुछ अलग ही राय है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर शक्तिकांत दास के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी से बहुत बड़ा खतरा है और इसे अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। दास पहले भी अपनी इस राय को रख चुके हैं और अब बुधवार को फिर से उन्होंने अपने विचारों को दोहराया है।
कई मुद्दों पर व्यक्त की अपनी राय
आरबीआई गवर्नर दो दिवसीय बीएफएसआई सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। यहां पर बुधवार को उन्होंने अर्थव्यवस्था, महंगाई और क्रिप्टोकरेंसी जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस दौरान संबोधित करते हुए आरबीआई गर्वनर की ओर से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर यह आपत्ति जतायी गई। केंद्रीय बैंक के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी वृहद आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है।
केंद्रीय बैंकों के नियमन दायरे में नहीं क्रिप्टो
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह मुद्रा केंद्रीय बैंकों के नियमन के दायरे में नहीं आती है। ऐसे में किसी वित्तीय प्रणाली के लिए ये बड़ा जोखिम है। दास का यह बयान रिजर्व बैंक की आंतरिक समिति की क्रिप्टोकरेंसी पर रिपोर्ट आने से पहले आया है। यह रिपोर्ट अगले महीने आने की उम्मीद है।
क्रिप्टो पर प्रतिबंध के सकुर्लर को सुप्रीम कोर्ट कर चुका रद्द
मार्च 2020 की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने वाले आरबीआई के सर्कुलर को रद्द कर दिया था। इसके बाद 5 फरवरी, 2021 में केंद्रीय बैंक ने केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा के मॉडल का सुझाव देने के लिए एक आंतरिक पैनल का गठन किया था।