पहले आए दिन रेल दुर्घटनाओं में यात्रियों के घायल और मृत्यु होने की सूचना आती रहती थीं, लेकिन बीते दो वर्षों में मार्च 2019 से मार्च 2021 तक एक भी यात्री की रेल दुर्घटना में मौत नहीं हुई है। रेल मंत्री गोयल ने कहा, सुरक्षा पर इतना अधिक जोर दिया गया है कि दो वर्ष में एक भी यात्री रेल हादसे में हताहत नहीं हुआ है।
रेल मंत्री ने आगे कहा, ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर का काम आज से 15 साल पहले शुरू हुआ था। 2014 तक मात्र 10 हजार करोड़ निवेश हुआ। हमने 2014 से 2019 तक 40 हजार करोड़ का निवेश किया। जब भारत आजादी के 75 वर्ष मनाएगा, तो दोनों डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर शुरू हो जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा, खाद्य प्रसंस्कृत उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू में टमाटर, प्याज, और आलू पर किराये में 50 फीसदी की छूट दी थी। अब इसे बढ़ा कर किसान रेल में जाने वाले अन्य फलों, सब्जियों पर भी 50 फीसदी की छूट दी जा रही है। आज लगभग 80 फीसदी मेल एक्सप्रेस ट्रेन शुरू हो गई हैं, 91 फीसदी उपनगरीय ट्रेन शुरु हो चुकी हैं और पैसेंजर ट्रेन धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं।
आज तक 43 रूटों के ऊपर 377 किसान रेल चल चुकी हैं, जिसमें फल, सब्जियां, और किसानों की उपज का परिवहन किया जाता है। हमने फूलों को भी किसान रेल के माध्यम से भेजना शुरू किया है। लातूर और उस्मानाबाद से 650 किलो फूल किसान रेल के माध्यम से कुर्दुवाड़ी स्टेशन से दिल्ली आदर्शनगर भेजे गये।
रेल मंत्री ने सदन में कहा, हमारी कोशिश ये है कि फ्रेट लोडिंग को 2024-25 तक 70 से 80 फीसदी बढा दें, जिससे सामान को रेलवे से दूर-दूर तक पहुंचाने की सुविधा हो। चाहे वो किसान हो, उद्योग हो, या फिर कोई पार्सल ही क्यों ना हो। कोरोना के दौरान रेलवे ने देश के कोने-कोने तक कोयला, अनाज, दवाईयां, फर्टिलाइजर्स पहुंचाए हैं। पूरे देश में कहीं भी अनाज की कमी नहीं हुई।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्यान्न पहुंचाने का जरिया भी रेलवे बनी। श्रमिकों के लिये आरपीएफ के जवान दिन-रात परिश्रम करते रहे। दो करोड़ निशुल्क भोजन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में रेलवे ने दिया। दो करोड़ 16 लाख पानी की बोतलें रेलवे ने वितरित कीं, ताकि हमारे श्रमिक भाई-बहन सुरक्षित घर पहुंचे।