मौजूदा सरकार को उसी बात की चिंता सताने लगी है जो कभी उसके खिलाफ हुआ करती थी। जी हां, हम बात कर रहे हैं एयरपोर्ट और फ्लाइट में सांसदों के वीआईपी ट्रीटमेंट की। दरअसल, एयर इंडिया के निजीकरण के बाद सरकार चाहती है कि एयरपोर्ट और फ्लाइट में सांसदों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाए। इसके लिए सरकार ने सभी एयरलाइन, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और विमानन सुरक्षा नियामक को एयरपोर्ट पर सांसदों को प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सपोर्ट से संबंधित सुविधा मुहैया करने को कहा है।
एयरपोर्ट्स पर सांसदों को प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के संबंध में लापरवाही के कुछ मामले सामने आने के बाद बीते 21 सितंबर को केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एयरपोर्ट पर सांसदों को प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सहायता देने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संबंधितों से अनुरोध किया जाता है कि वे इसका सही से पालन करें।
सरकार द्वारा जारी पत्र में उस प्रोटोकॉल का जिक्र किया गया है, जिसका एयर इंडिया को पालन करना है। हालांकि ये प्रोटोकॉल निजी एयरलाइंस के लिए नहीं था। पत्र के मुताबिक, सीट बुकिंग में सांसदों को प्राथमिकता देनी होगी। इसके अलावा अगर सीट खाली नहीं है, तो बुकिंग रद्द होने पर इसे सबसे पहले सांसद को देना होगा।