प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पोस्ट बजट वेबिनार में 'सतत विकास के लिए ऊर्जा' के मुद्दे पर बात की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कह कि ऊर्जा और सतत विकास में गहरा संबंध है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने घरों में सोलर ट्री की नई अवधारणा विकसित करने पर जोर दिया।
लक्ष्यों को अवसर के रूप में देख रहे
संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऊर्जा और सतत विकास हमारी पुरातन परंपराओं से प्रेरित है और भविष्य की आवश्यकताओं व आकांक्षाओं की पूर्ति का मार्ग है। भारत का स्पष्ट विजन है कि सतत विकास सतत ऊर्जा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं उन्हें मैं चुनौती की तरह नहीं बल्कि एक अवसर की तरह देखता हूं। इसी विजन पर भारत बीते वर्षों से चल रहा है और इस बजट में इनको पॉलिसी लेवल पर और आगे बढ़ाया गया है।
सोलर ट्री बनेगा घर की पहचान
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ग्लासगो में हमने 2070 तक नेट जीरो के स्तर तक पहुंचने का वादा किया है। मैंने कॉप-26 में सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए लाइफ मिशन की बात की थी। उन्होंने इस बीच कहा कि हम घर के बाग-बगीचे या बालकनी में हर परिवार के एक सोलर ट्री की एक नई अवधारणा विकसित कर सकते हैं, ये सोलर ट्री घर की 10 से 20 फीसदी बिजली में मदद कर सकता है। ये घर की पहचान भी बन जाएगा कि सोलर ट्री वाला घर पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिकों का घर है।