भारत में सोने को परंपरागत रुप से निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है। त्योहारी सीजन हो या फिर शादियों का मौका खरीदारी बढ़ने के साथ ही सोने का भाव भी तेजी से बढ़ने लगाता है। यही कारण है भारत दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड आयातक देश है और हर साल यहां 800 से 900 टन सोने का आयात होता है। कीमतें कम होने से इस साल भारत में सोने की मांग बहुत ज्यादा बढ़ी है। ऐसे में आप सोने में निवेश की योजना बना रहे हैं तो जान लें कहां निवेश करने से आपको अच्छा फायदा होगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़त का मिल रहा समर्थन
वैश्विक अर्थव्यस्था में बढ़त से पीली धातु सोने को लगातार समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल सोने के भाव में भले ही तेजी न दिखी हो, लेकिन आने वाले समय में इसमें निवेश फायदे का सौदा साबित हो सकता है। इस साल एमसीएक्स पर सोना अपने 56,191 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई से 15 फीसदी नीचे यानी 8751 रुपये नीचे आ चुका है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने संकेत दिया है कि देश में सोने के लिए दृष्टिकोण में तेजी बनी हुई है। आभूषण खरीदने के अलावा गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर विचार किया जा सकता है। दोनों के पास भौतिक सोने की तुलना में अधिक पैदावार, कर लाभ, गारंटीशुदा शुद्धता आदि जैसे फायदे हैं।
सोने के सिक्के खरीदना ज्यादा फायदेमंद
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं तो सोने के गहने से ज्यादा सिक्के खरीदना फायदेमंद होगा। ऐसा इसलिए कि ज्वैलर सोने की गहने पर 10 फीसदी से लेकर 15 फीसदी तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। लेकिन जब आप अपने सोने के गहने बेचने जाते हैं तो आपको केवल सोने के मूल्य के बराबर राशि मिलती है और मेकिंग चार्ज का नुकसान होता है। वहीं, जब आप सोने के सिक्के खरीदेंगे तो उस पर मेकिंग चार्ज नहीं देना होगा।
डिजिटल गोल्ड में निवेश के समय बरतें समझदारी
डिजिटल गोल्ड में निवेश का चलन इस समय तेजी से बढ़ा है। कई ई-वॉलेट जैसे पेटीएम, गूगल पे, फोनपे अपने मंच पर 100 रुपये में डिजिटल गोल्ड में निवेश का विकल्प दे रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों और पूंजी बाजार नियामक सेबी ने कहा है कि अगर आप डिजिटल गोल्ड में निवेश करने की सोच रहे हैं तो सिर्फ पंजीकृत निवेश सलाहकार के माध्यम से ही निवेश करें।
गोल्ड बॉन्ड पर ब्याज से कमाई का मौका
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) साल में कई बार गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। इसमें सोने की कीमत अधिकांश समय बाजार कीमत से थोड़ी कम होती है। साथ ही इसमें निवेश पर 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है। यानी निवेशकों को सोने की कीमत बढ़ने के साथ ब्याज का भी लाभ दिया जाता है। इसकी परिपक्वता अवधि आठ साल की है लेकिन जरूरत पर इसे पांच साल बाद भी बेच सकते हैं।
गोल्ड ईटीएफ छोटे निवेश का बेहतरीन विकल्प
गोल्ड ईटीएफ म्यूचुअल फंड की एक स्कीम है। इसमें निवेशक सोने की खरीद यूनिट के अनुसार कर सकते हैं। जब निवेशक सोना बेचते हैं तो उन्हें उस समय के बाजार मूल्य पर पैसा का भुगतान किया जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो छोटे निवेशकों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। निवेशक लंबी अवधि के लिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर शानदार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।