यदि आप पेट्रोल-डीजल की मौजूदा कीमतों को बहुत ज्यादा मान रहे हैं तो गलती कर रहे हैं। इनकी कीमतें अभी 'बुलंदी' पर पहुंचना बाकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुमानों पर यकीन करें तो समझ लीजिए कि पेट्रोल जल्द ही 150 रुपये लीटर पर पहुंच जाएगा और डीजल भी पीछे नहीं रहेगा।
देश के अधिकतर शहरों में पेट्रोल 100 से 115 रुपये प्रति लीटर के बीच चल रहा है। डीजल के दाम भी 100 के पार पहुंच चुके हैं। कीमतों में आसमानी तेजी का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है। इसका असर महंगाई पर भी होना तय है।
इसलिए है 150 रुपये पार जाने का अंदेशा
बाजार पर नजर रखने वाली और क्रेडिट रेटिंग करने वाली अग्रणी कंपनी गोल्डमैन सॉक्स का अनुमान है कि 2022 में कच्चे तेल के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगे। अभी 85 डॉलर पर हैं तो अंदाज लगा लीजिए कि जब कच्चा तेल ही 30 फीसदी महंगा हो जाएगा तो पेट्रोल डीजल के दाम कहां पहुंच सकते हैं। यह भी आशंका है कि कच्चा तेल 147 डॉलर प्रति बैरल के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाए।
इससे पहले 2008 में भी कच्चे तेल के दाम ऐसी ही ऐतिहासिक तेजी दिखा चुके हैं। उस वक्त जैसे हालात बने और केंद्र सरकार या राज्यों ने करों में कटौती कर जनता को राहत नहीं पहुंचाई तो पेट्रोल के दाम 150 रुपये और डीजल के 140 रुपये लीटर पर पहुंच जाएंगे।
चुनाव को देख हो सकती है कर कटौती
अगले साल यूपी समेत देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये मोदी सरकार के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल की तरह होंगे। हो सकता है केंद्र या राज्य सरकार करों में कटौती कर जनता को इस तेलीय महंगाई से कुछ राहत प्रदान कर दे, वरना तेल के दाम में लगी यह आग झुलसाती रहेगी।