अगर आपको पेट्रोल या फिर डीजल की गुणवत्ता पर जरा सा भी शक है तो पेट्रोल पंप पर इसको आसानी से चेक कर सकते हैं। प्रत्येक पेट्रोल पंप पर फिल्टर पेपर का स्टॉक रखने का आदेश दिया गया है। फिल्टर पर पेट्रोल या फिर डीजल की कुछ बूंदे डालते ही इसका चेक हो जाएगा। अगर पेट्रोल बिना कोई निशान छोड़े उड़ जाए, तो समझ ले कि यह शुद्ध है, अन्यथा निशान छोड़ने पर अशुद्ध है।
सबसे ज्यादा ऐसे होती है घटतौली
पेट्रोल पंपों पर सबसे ज्यादा जो घटतौली होती है उसमें पंप पर मौजूद कर्मचारी पेट्रोल या डीजल डालते वक्त पाइप के नॉजेल को हाथ से कम या फिर ज्यादा दबा देते हैं। इस दौरान मशीन पर तो पेट्रोल ज्यादा टैंक में जाता हुआ दिखता है, लेकिन वास्तव में वो कम जाता है। इससे आपको ज्यादा पैसा खर्च करने के बाद भी कम माइलेज मिलता है, जिससे आपको नुकसान होता है।
प्रत्येक 1 लीटर में 100-150 मिलीलीटर की घटतौली
पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर प्रत्येक एक लीटर पेट्रोल-डीजल में 100-150 मिली लीटर तक की घटतौली की जाती है। कहीं मशीन में चिप लगाकर या फिर माप कम देकर के ऐसा किया जा रहा है। कई जगह बांट-नाप विभाग ने शिकायतें मिलने के बाद छापे डाले और इस तरह की चोरी को पकड़ा था, लेकिन अब यह फिर से होने लगा है।