उच्चतम न्यायालय ने सेवानिवृत्त जिला न्यायिक अधिकारियों को मामूली पेंशन मिलने पर सोमवार को चिंता व्यक्त की और केंद्र से इस मुद्दे का 'न्यायसंगत समाधान' तलाशने को कहा। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ को सूचित किया गया कि सेवानिवृत्त जिला न्यायिक अधिकारियों को 19,000-20,000 रुपये की पेंशन दी जा रही है।
उन्होंने कहा, ''सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को लंबी सेवा के बाद 19,000-20,000 रुपये की पेंशन मिल रही है, वे जीवित कैसे रहेंगे? यह एक ऐसा पद है जहां आप पूरी तरह अक्षम हैं, आप अचानक प्रैक्टिस में नहीं जा सकते हैं और 61-62 साल की उम्र में उच्च न्यायालय नहीं जा सकते हैं और प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त अधिवक्ता के. परमेश्वर ने कहा कि न्यायिक अधिकारी की न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पेंशन जरूरी है।"
दिव्यांग हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए जारी हो एसओपी
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह हवाईअड्डों पर दिव्यांगों की हवाई अड्डों तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) सहित अन्य से मानक संचालन प्रक्रिया तय करने को कहेगा। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ हाल ही में कोलकाता हवाई अड्डे पर कठिनाइयों का सामना करने वाली दिव्यांग महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
आरोप पत्र के 27 साल बाद बैंक मैनेजर दोषी करार
सीबीआई की विशेष अदालत ने 27 साल के आरोप पत्र के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के एक प्रबंधक को दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि सीबीआई ने मुंबई के वालकेश्वर रोड शाखा में पदस्थ तत्कालीन मुख्य प्रबंधक रामचंद्र श्रीधर जोशी के खिलाफ 1996 में दो मामलों में आरोप पत्र दायर किया था। ईडी ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने 1994 में जांच अपने हाथ में ली थी और दोनों मामलों में 1996 में आरोप पत्र दायर किया था।
आरबीआई ने बैंकों पर लगाया 3 करोड़ का जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि उसने नियमों के उल्लंघन को लेकर भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक और सिटी यूनियन बैंक पर करीब तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) पर जमाकर्ता शिक्षा जागरूकता कोष योजना, 2014 से संबंधित कुछ नियमों के उल्लंघन के लिए दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक अन्य विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'आय पहचान, संपत्ति वर्गीकरण और अग्रिम से संबंधित प्रावधान- एनपीए खातों में विचलन' और अपने ग्राहक को जानें के निर्देशों पर आरबीआई द्वारा जारी कुछ निर्देशों का पालन न करने के लिए सिटी यूनियन बैंक लिमिटेड पर 66 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई ने कुछ निर्देशों का पालन न करने के लिए केनरा बैंक पर 32.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से संबंधित कुछ प्रावधानों का अनुपालन न करने के लिए ओशन कैपिटल मार्केट लिमिटेड, राउरकेला, ओडिशा पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
केवाईसी: कुछ कॉरपोरेट पर बढ़ सकती है सख्ती
सरकार अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) जरूरतों सहित कुछ अन्य मामलों में कॉरपोरेट्स के कुछ वर्ग के खिलाफ जांच बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसका मकसद बेईमान तत्वों को बाहर करने और संभावित गलत कार्यों पर अंकुश लगाना है। वित्त सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रही है।
एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, एक समान केवाईसी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। केवाईसी जरूरतों के लिए पैन का उपयोग किया जा रहा है। मंत्रालय अन्य कानूनों के अलावा कंपनी कानून और लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) अधिनियम लागू कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि कॉरपोरेट्स के कुछ वर्ग के लिए बढ़ी हुई केवाईसी जरूरतों का पता लगाया जा सकता है।