ओला के संस्थापक व सीईओ भाविश अग्रवाल ई स्कूटर को मिले समर्थन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कंपनी की भावी योजनाओं को लेकर ट्विटर पर एक ब्लॉग पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने ई-बाइक व ई-कार लाने का भी इरादा प्रकट किया है।
अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ने अपनी 'फ्यूचर फैक्ट्री' में ओला स्कूटर की Ola S1 रेंज बनाना शुरू कर दी है। उन्होंने दावा किया कि यह दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन फैक्ट्री है। ओला के सीईओ ने मौजूदा वाहनों को इसलिए डंब या बेकार बताया है, क्योंकि ओला के भावी वाहन स्मार्ट होंगे। ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस होंगे। ओला के सीईओ ने बताया कि ई स्कूटर को मिले समर्थन के बाद कंपनी इनके अन्य मॉडल लाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बाइक और इलेक्ट्रिक कार भी पेश करेगी।
एस1 स्कूटर की टेस्ट राइड और डिलीवरी अगले माह
बता दें ओला ने हाल ही में ई स्कूटर की बुकिंग की थी। इसमें दो दिन में ही 1100 करोड़ रुपये के स्कूटर बेचे हैं। ओला ने तमिलनाडु में अपनी सबसे बड़ी फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया है। यहां इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाए जाएंगे। ओला एस1 स्कूटर की टेस्ट राइड और डिलीवरी अगले माह शुरू हो जाएगी। एक नवंबर को ई स्कूटर की बुकिंग फिर खोली जाएगी।
एक अरब लोग वाहनों से वंचित
अग्रवाल ने यह भी कहा कि हम देश के 130 करोड़ लोगो के लिए मल्टी-मॉडल मोबिलिटी लाएंगे। इन्हें लोगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर बनाया जाएगा। ओला सीईओ ने अपने ब्लॉग में लिखा कि देश में मात्र 2 फीसदी यानी तीन करोड़ लोगों के पास चार पहिया वाहन हैं और मात्र 12 फीसदी यानी 16 करोड़ लोगों के पास दोपहिया वाहन हैं। इसका मतलब है कि एक अरब से ज्यादा लोग निजी वाहनों सें वंचित हैं। ऐसे में नई मोबिलिटी प्रणाली पुरानी प्रणाली को पीछे छोड़कर सबको वाहन सुलभ कराने की ओर बढ़ रही है। नए वाहनों को सस्ता, टिकाऊ, सुविधाजनक व निजी जरूरतों के अनुसार बनाने के लिए खासतौर से ध्यान रखा जाएगा।
लाएंगे नया मोबिलिटी इको सिस्टम
उन्होंने बताया कि कंपनी देश में नया मोबिलिटी इको सिस्टम ला रही है। यह तीन स्तंभों न्यू मोबिलिटी सर्विसेस, न्यू एनर्जी व्हीकल्स व न्यू आटो रिटेल पर आधारित होगा।
10 करोड़ लोगों को मुहैया करा रही वाहन सेवाएं
ओला वर्तमान में देश के 10 करोड़ लोगों को रोज ओला टैक्सियों, ऑटो रिक्शा, दोपहिया वाहनों से सेवाएं मुहैया करा रही है। लेकिन यह देश की आबादी का मात्र सात प्रतिशत है। अपनी भावी योजना में कंपनी देश के सभी 130 करोड़ लोगों को वाहन सुविधा मुहैया कराना चाहती है।