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नीति आयोग : चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 10 फीसदी से रहेगी ज्यादा

Wed, 03 Nov 2021 06:14 AM IST
Kuldeep Singh बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, नरेंद्र मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल के दौरान कंपनियों के फलने-फूलने के लिए मजबूत आर्थिक नींव रखी गई है। 2022-23 में 8 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान है।
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विस्तार
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नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत या उससे अधिक रहेगी। 2022-23 में 8 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान है।

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कुमार ने कहा, नरेंद्र मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल के दौरान कंपनियों के फलने-फूलने के लिए मजबूत आर्थिक नींव रखी गई है। महामारी के कारण दो साल आर्थिक वृद्धि के मोर्चे पर समस्या आई है, जो अब सुधार के रास्ते पर है।

यूनियन बैंक का लाभ तीन गुना बढ़कर 1,526 करोड़ रुपये
यूनियन बैंक का सितंबर में समाप्त तिमाही का शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़कर 1,526.12 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 516.62 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।
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बैंक ने मंगलवार को बताया कि आलोच्य तिमाही में उसका सकल एनपीए 14.71 फीसदी से घटकर 12.64 फीसदी रह गया। उधर, बैंक ऑफ इंडिया का सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ दोगुना होकर 1,072 करोड़ रुपये हो गया। 

कंपनियों ने 7 रुपये तक घटाए खाद्य तेल के दाम
त्योहारी मौसम के दौरान उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अदाणी विल्मर और रुचि सोया इंडस्ट्रीज सहित प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने थोक कीमतों में 4-7 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। उद्योग निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने मंगलवार को कहा कि बाकी और कंपनियां भी दाम घटा सकती हैं। 

एसईए ने कहा, उपभोक्ताओं को राहत देने को और कंपनियां भी कम कर सकती हैं कीमतें
एसईए ने कहा, जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद), मोदी नेचुरल्स (दिल्ली), विजय सॉल्वेक्स (अलवर), गोकुल एग्रो रिसोर्सेज और एनके प्रोटींस प्राइवेट लिमिटेड (अहमदाबाद) ने भी खाद्य तेलों की थोक कीमतों में कटौती की है। 

एसईए अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने कहा, त्योहारी सीजन में उद्योग की प्रतिक्रिया उत्साहजनक है। कंपनियां पहले ही थोक कीमतों में 4,000-7,000 रुपये प्रति टन (4-7 रुपये प्रति लीटर) की कमी कर चुकी हैं। इस साल सरसों की बुवाई की शुरुआती रिपोर्ट बहुत उत्साहजनक है। 

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